बलरामपुर। शारदीय नवरात्र के छठवें दिन गुरुवार को मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना के लिए देवी मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। भोर पहर से ही भक्तों की भीड़ जुटने लगी। श्रद्धालुओं ने माता रानी की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा।
मां दुर्गा की छठवीं शक्ति का नाम देवी कात्यायनी है और नवरात्र की षष्ठी तिथि को मां के इसी स्वरूप की पूजा का विधान है। धर्म ग्रंथों के अनुसार कात्यायन ऋषि ने तप करके देवी से पुत्री रूप में जन्म लेने का वरदान मांगा। तप से प्रसन्न होकर देवी ने अजन्मा स्वरूप त्यागकर ऋषि कुल में जन्म लिया। ऋषि कात्यायन की पुत्री होने के कारण ही देवी को कात्यायनी कहा जाता है।
मान्यता है कि नवरात्र के छठवें दिन देवी के इस स्वरूप की पूजा करने से भक्तों के सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं। इसी मान्यता के अनुसार गुरुवार को जिले के सभी देवी मंदिरों में माता के इस स्वरूप की पूजा-अर्चना के लिए भक्तों की भारी भीड़ जुटी। भक्तों ने जयकारा लगाते हुए मां कात्यायनी की आराधना करके उनसे परिवार के लिए मंगल कामना की।
शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर में पीठाधीश्वर महंत मिथिलेश नाथ योगी ने मां पाटेश्वरी की विशेष पूजा-अर्चना कर आरती उतारी। इस दौरान डॉ. एसएन तिवारी, एसडीएम विनोद सिंह, ईओ अनिरुद्घ पटेल, धर्मेंद्र सिंह, अमित गुप्ता व अरुण गुप्ता आदि मौजूद रहे। मंदिर में मां पाटेश्वरी की आराधना के लिए पूरे दिन भक्तों का तांता लगा रहा।
इसके अतिरिक्त बिजलीपुर स्थित बिजलेश्वरी देवी मंदिर, नगर स्थित झारखंडी मंदिर, कालीथान, सम्मय माता मंदिर, बड़िकी बहिनी थान, तुलसीपुर स्थित नई देवी मंदिर, रहिया देवी मंदिर, झिंगहा माता मंदिर एवं उतरौला स्थित ज्वाला महारानी मंदिर में भी देवी की पूजा-अर्चना कर भक्तों ने सुख-शांति एवं परिवार की समृद्धि के लिए आशीर्वाद मांगा।
जिले के चमरूपुर बाजार स्थित देवी मंदिर में ग्रामीणों ने मां भगवती की पूजा-अर्चना कर कोरोना की समाप्ति के लिए आशीर्वाद मांगा। मंदिर के पुजारी ने भक्तों से मास्क लगाने एवं कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने की अपील की।