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आदेश के बावजूद मूल विद्यालयों में नहीं भेजे जा रहे शिक्षक

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बलरामपुर। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने धन उगाही कर शिक्षकों को मनचाहे विद्यालयों में संबद्ध कर रखा है। यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन भ्रष्टाचार की पोल खोलने तथा मामले की जांच के लिए प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को पत्र लिख चुका है।
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यूटा की शिकायत को संज्ञान में लेकर पीएम के अनुसचिव ने मामले की जांच का आदेश अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा को दिया है। बीएसए ने भी सभी संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को शिक्षकों की संबद्धता समाप्त कर मूल विद्यालयों में तैनाती किए जाने का आदेश जारी कर रखा है।
जिले शिक्षा विभाग में संबद्धता का खेल काफी दिनों से चल रहा है। एक ब्लॉक से दूसरे ब्लाक के मनचाहे विद्यालय में शिक्षकों को संबद्ध कर अवैध धन उगाही का आरोप भी लगता आ रहा है।
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मामला तूल पकड़ने पर शासन स्तर से संबद्धता के संबंध में जवाब मांगा गया तो उन्हें भी गुमराह कर किसी भी शिक्षक के संबद्ध न होने की बात कहकर रिपोर्ट लगा दी गई।
संबद्धता के नाम पर की जा रही अवैध धन उगाही व शिक्षा विभाग के भ्रष्टाचार की शिकायत यूनाईटेड टीचर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष देव कुमार मिश्र ने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री से की। मामले को तूल पकड़ता देख बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को तत्काल संबद्ध शिक्षकों को कार्यमुक्त करते हुए विद्यालय भेजने का आदेश जारी कर दिया।
आदेश जारी होने के बावजूद शिक्षकों को मूल विद्यालय न भेजकर उन्हें बचाने का प्रयास किया जा रहा है। संबंधित अधिकारी बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने का बहना बनाकर शिक्षकों को मूल विद्यालय में भेजने को तैयार नहीं हैं।
प्रधानमंत्री के अनुसचिव एसके सुमन ने जिले में संबद्धता के नाम पर हो रहे भ्रष्टाचार की जांच का आदेश अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा को दिया है। इस संबंध में बीएसए डा. रामचन्द्र ने बताया कि शिक्षकों की संबद्धता निरस्त कर मूल विद्यालयों में भेजने का निर्देश खंड शिक्षा अधिकारियों को दिया गया है।
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