बलरामपुर। गरीब परिवारों के बैंक खातों के माध्यम से अवैध रूप से पाकिस्तान भेजी जाने वाली रकम की जांच आगे बढ़ी है। एसपी विकास कुमार ने एक थाने के साथ ही विशेष जांच टीम गठित की है। जांच कर रही पुलिस को टीम के हाथ अहम जानकारी मिली है।
पता चला है कि दिल्ली के सरगना ने सुनियोजित ढंग से यह मुहिम चला रखी थी। सरगना ने टेरर फंडिंग के लिए हैंडलरों का नेटवर्क पूरे देश में फैला रखा है। स्कैम में अलग-अलग टीमें काम रहीं थीं, जिसमें कुछ लोगों को मोबाइल पर धमकाने की जिम्मेदारी दी थी। ऐसे लोगों के बारे में भी पुलिस को पता चला है। चीन के एप के माध्यम से ऋण लेने वाले इस गिरोह के चंगुल में लोग इस कदर फंस जाते थे कि उन्हें साइबर ठगों की बात को मानना ही पड़ता था। कई महीने से चल रहे इस पूरे नेटवर्क की तह तक जाने के लिए दिल्ली में पुलिस टीम सरगना की पड़ताल कर रही है।
बताया जा रहा है कि सरगना तक पुलिस के हाथ पहुंच भी गए हैं। देर-सबेर पुलिस सरगना को दबोच सकती है। एसपी अभी इस मसले पर जांच होने की बात कह रहे हैं, लेकिन टीम की पड़ताल से वह संतुष्ट नजर आए। कहा कि देश विरोधी गतिविधियों में लगे इस पूरे गिरोह का संचालक जल्द ही पुलिस के गिरफ्त में होगा। बताया कि 16 बैंक खातों की पड़ताल की गई है, जिससे विदेश को फंड ट्रांसफर करने के साक्ष्य मिले हैं। कई बैंकों से ब्योरा भी जुटाया गया है। कहा कि पुलिस टीम ने पूरे नेटवर्क को डिकोड कर लिया है।
देश को आर्थिक चोट देने की साजिश में जुटे हैं शातिर
टेरर फंडिंग मामले की जांच अभी हो रही है। चार साइबर ठगों की गिरफ्तारी के बाद सक्रिय हुई पुलिस को बड़े स्तर के सुराग मिले। पुलिस मान रही है कि पूरा नेटवर्क देश को आर्थिक चोट देने की साजिश कर रही था। यह भी माना जा रहा है कि पूरे नेटवर्क के पीछे बड़ी ताकतों का हाथ हो सकता है। फिलहाल पूरे राजफाश के लिए सरगना की गिरफ्तारी जरूरी है। इसलिए पुलिस की टीम बहुत सधे दांव से आरोपी की घेराबंदी में जुटी है।