बलरामपुर। बारिश के कारण पहाड़ी नाले के उफनाने के साथ ही राप्ती नदी भी लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। हरैया में पहाड़ी नाला धोबनिया स्कूल के पास कटान कर रहा है। वहीं, ललिया व महाराजगंज के गांवों में बाढ़ के कारण समस्या है। करीब 25 गांवों के रास्तों पर पानी भरने के कारण लगभग 30 हजार आबादी को परेशानी से जूझना पड़ रहा है।
सदर तहसील के प्राथमिक विद्यालय लौकी कला नवीन शिक्षा क्षेत्र हरैया सतघरवा तक पहाड़ी नाला धोबनिया का पानी कटान करते हुए पहुंच गया है। ग्राम प्रधान जेके शुक्ल और स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक सिद्धांत मिश्र ने बताया कि पिछले साल जिला प्रशासन द्वारा ठेकेदार को कटान रोकने के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई थी लेकिन, ठेकेदार द्वारा कुछ बोरी में मिट्टी और गिट्टी डालकर अधूरा कार्य छोड़ दिया गया। जिसके कारण पहाड़ी नाला कटान करते हुए स्कूल के पास पहुंच गया है। इसके बारे में अधिकारियों को बता दिया गया है।
ललिया थाना क्षेत्र के परसावां गांव के पास हैंगहा नाले पर बना बांध कई जगह कट गया है। जिसके कारण आसपास के गांव परसहवा और कामदी में बाढ़ का पानी भर गया है। बच्छराज पासवान का कहना है कि बाढ़ के पानी में डूबने से दो दिन पहले उनके बेटे की मौत हो गई है। उनका कहना है कि बाढ़ खंड की लापरवाही से उसके बेटे की जान जा चुकी है। परसहवा निवासी पृथ्वीराज, सतगुर,विश्वनाथ, मनके,रामतीरथ,माखन लाल का कहना है कि बाढ़ से पहले कभी अधिकारी ध्यान नहीं देते हैं, जिसके कारण गांव में बरसात में हमेशा बाढ़ की स्थिति बनी रहती है। बाढ़ के कारण गांव के विद्यालय में बाढ़ का पानी भर गया है। इससे स्कूल बंद है।
खरझार नाले के दोनों तरफ बना तटबंध रेन कट की वजह से क्षतिग्रस्त हो गया है। ग्राम प्रधान तुलाराम यादव, महेंद्र तिवारी, घनश्याम, अवधेश कुमार, कुन्ने आदि ने बताया कि तटबंध मरम्मत का कार्य करवाने की मांग की है। ग्राम पंचायत बेला के उमेश यादव ने बताया कि इस वर्ष नदी की कटान बेला गांव की तरफ तेजी से कर रही है। अभी तक विभाग द्वारा कोई भी ठोस कदम कटान रोकने के लिए नहीं किया गया है।
बाढ़ खंड के अधिकारियों को इस संबंध में सूचना दे दी गई है। जल्द ही क्षतिग्रस्त तटबंध व कटान रोकने का कार्य कराया जाएगा। अभय कुमार सिंह -एसडीएम तुलसीपुर