बलरामपुर। गेंदे के फूलों की खेती कर स्वयं सहायता समूह की महिलाएं आर्थिक रूप से समृद्ध बन रही हैं। जिले में 100 बीघे में गेंदा फूल की खेती कराई जा रही है। यह फूल बलरामपुर के अलावा गाेंडा व अयोध्या तक भेजी जा रही हैं, इसमें करीब 50 महिलाएं जुड़ी हुई हैं।
जिले के आठ ब्लॉकों में उद्यान विभाग ने गेंदे के फूलों की खेती कराई जा रही है। महिला किसानों को बाजार मुहैया कराने के लिए अयोध्या व गोंडा के साथ जिले के 15 मंदिरों को चिह्नित किया गया है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए सदर ब्लॉक में 10, श्रीदत्तगंज में 10, उतरौला में 10, गैंड़ास बुजुर्ग में 15, रेहरा बाजार में 20, तुलसीपुर में 10, गैसड़ी में 10 व पचपेड़वा में 10 बीघा में समूह की महिलाएं गेंदा फूलों की खेती कर आर्थिक रूप से समृद्ध बनी हैं।
श्रीदत्तगंज ब्लाॅक के महदेइया सिरसिया की स्वयं सहायता समूह की महिला किसान मन्ना देवी ने बताया कि वह दो बीघे में गेंदा फूलों की खेती कर रही हैं। हर तीसरे दिन 50 से 60 किलोग्राम गेंदे के फूल निकलते हैं। फूलों की माला तैयार करने के लिए समूह की 15 महिलाओं को रोजगार से जोड़ा है। 100 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से गेंदे के फूलों की ग्राम संगठन कार्यालय से बिक्री की जाती है। खेती के फूल देवीपाटन मंदिर के साथ ही पृथ्वीनाथ व छपिया में स्वामी नारायण मंदिर में जाते हैं। नगर के झारखंडी मंदिर, भगवतीगंज स्थित झारखंडेश्वर मंदिर, पेहर माता मंदिर, रानी तालाब स्थित हनुमान मंदिर, वीर विनय चौराहा स्थित हनुमानगढ़ी मंदिर, मुक्तेश्वरधाम मंदिर, समय माता मंदिर, फक्कड़दास मंदिर, ज्वाला देवी मंदिर, महाशक्ति मातेश्वरी देवी मंदिर, श्रीराम-जानकी मंदिर भगवतीगंज में भी बिक्री के लिए पहुंचाएं जाएंगे। साथ ही इन फूलों को गोंडा व अयोध्या के मंदिरों में भी सप्लाई किया जाएगा।
खेती के लिए दिया जा रहा अनुदान
फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए उद्यान विभाग की तरफ से किसानों को अनुदान पर बीज मुहैया कराया जाता है। महिलाओं को फूलों की खेती करने के लिए लगातार प्रेरित किया जा रहा है।
- संतोष कुमार दूबे, जिला उद्यान अधिकारी