बलरामपुर। स्थानीय ब्लॉक के महुआ ग्राम पंचायत के मजरा पटखौली के पास सरयू नहर खंड दो का इटवा रजवाहा नहर कटने से तीन हजार बीघे में लगी गन्ने व धान की फसल चौपट हो गई है। सरयू नहर खंड गोंडा के एक्सईएन आरबीके सिंह व अन्य कर्मी कटी नहर को दुरुस्त करने के काम में दिन भर जुटे रहे। प्रभावित पीड़ितों ने एक्सईएन से फसल नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की है।
एक्सईएन ने बीते दिन बताया कि नहर कटने की सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंच गए। ग्रामीण शिव कुमार वर्मा, रामभवन, यदुलाल, माधव, गुरुदीन, सूर्यकेश, चेतराम, कामता, लालता, रामचंदर, मयाराम, आजाद, ओंकार, राम निवास, शिवराम व राम दुलारे आदि ने एक्सईएन से शिकायत की कि नहर विभाग की लापरवाही के चलते करीब तीन हजार बीघे गन्ना व धान की फसल जलमग्न होकर बर्बाद हो गई है।
महुआ, जुआरा, अहिरौली, अचलपुर रुप, सेमरा व बैरिया आदि गांव नहर के पानी से प्रभावित हुए है। सिल्ट सफाई न होने के चलते अक्सर नहर कट जाती है जिससे क्षेत्र के लोगों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
इन लोगों ने एक्सईएन से मुआवजा दिलाने और विभाग के दोषी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है। एक्सईएन ने बताया कि कटी नहर को बांधने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। पानी बंद करा दिया गया है। ग्रामीणों की अन्य समस्याओं का निस्तारण कराने के लिए प्रयास किया जा रहा है।