फोटो-15-बलरामपुर में स्थित भगवानपुर जलाशय ।-संवाद
जरवा। सोहेलवा वन्य जीव प्रभाग की तुलसीपुर रेंज स्थित भगवानपुर जलाशय में मगरमच्छ की मौजूदगी क्षेत्र में ईको-टूरिज्म का नया आकर्षण बन गई है। रोज शाम करीब चार बजे मगरमच्छ की एक झलक पाने के लिए दूर-दराज से पर्यटक पहुंच रहे हैं। पर्यटक सोहेलवा जंगल, भारत-नेपाल सीमा, थारू संस्कृति और चित्तौड़गढ़ बांध का भी भ्रमण कर रहे हैं। हालांकि, जलाशय के आसपास रहने वाले किसान और ग्रामीण मगरमच्छ की मौजूदगी को लेकर सुरक्षा के प्रति चिंतित हैं।
प्रयागराज से आए पर्यटक लक्ष्मी, रोहिणी, अर्जुन और सूरज ने बताया कि अखबार में मगरमच्छ की खबर पढ़कर उन्होंने लखनऊ चिड़ियाघर जाने का कार्यक्रम बदल दिया। समय कम होने के कारण मगरमच्छ तो नहीं दिखा, लेकिन सीमा क्षेत्र और जंगल की सैर यादगार रही। तुलसीपुर के शिक्षक अब्दुल कय्यूम मंसूरी ने बताया कि उन्होंने अलीगढ़ के अपने रिश्तेदारों को भी यहां आने के लिए प्रेरित किया। उनके रिश्तेदारों ने इमिलियाकोडर थारू संग्रहालय, भारत-नेपाल सीमा और चित्तौड़गढ़ बांध का भ्रमण किया।
वहीं, भगवानपुर के ग्रामीण आफताब, शाहिद, सलामत और सलमान खान ने जलाशय के पास स्थायी चेतावनी बोर्ड लगाने और वन विभाग से सुरक्षा के ठोस इंतजाम करने की मांग की है।
जल्द लगेगा जागरूकता बोर्ड : जेई
चित्तौड़गढ़ बांध निर्माण खंड के जेई संतोष कुमार ने बताया कि सोमवार को जागरूकता बोर्ड तैयार न होने के कारण नहीं लगाया जा सका। जल्द ही लोहे का स्थायी जागरूकता बोर्ड लगाया जाएगा। रेंजर अमरजीत प्रसाद ने बताया कि वनकर्मी सुबह-शाम निगरानी कर रहे हैं। लोगों को जलाशय के पास सावधानी बरतने के लिए लगातार जागरूक भी किया जा रहा है।