बलरामपुर। कोरोना संकट काल में साइबर अपराधी भी सक्रिय हो गए हैं। साइबर अपराधी कोविड-19 से संबंधित एप बनाकर नए तरीके से ठगी कर रहे हैं। एप के माध्यम से ऑक्सीजन लेवल, ब्लड प्रेशर व सुगर की जांच के नाम पर पैसों की वसूली की जा रही है। ऐसे साइबर अपराधियों से सतर्क रहें। इस तरह के फर्जी एप को इंस्टाल न करेें।
पुलिस अधीक्षक देव रंजन वर्मा ने बुधवार को साइबर अपराध के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि ऐसे एप इंस्टाल करने के बाद फोन पर ही फोटो अपलोड करने, फ्लैशलाइट या फिंगर प्रिंट देने के बाद जांच रिपोर्ट देने का दावा करती है।
यह एप्लीकेशन लेनदने के लिए प्रयोग होने वाली ई-वालेट की आईडी, पासवर्ड, स्क्रीनलॉक या फिंगर प्रिंट जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां आप के फोन से चुरा सकती है। साथ ही आपके फोन में सुरक्षित व्यक्तिगत फोटो या वीडियो भी चोरी हो सकती है। ये एप्लीकेशन आपके इनबॉक्स के मैसेज को भी पढ़ सकते है। उन्होंने लोगों से अपील किया है कि इस तरह का कोई भी एप्लीकेशन अपने मोबाइल फोन पर इंस्टाल न करें।
किसी भी एप्लीकेशन को इंस्टाल करते समय परमीशन मांगने पर लिमिटेड परमीशन ही दें। एप्लीकेशन इंस्टाल करते समय यदि आपसे फिंगर प्रिंट, आधार कार्ड नंबर, फोटो या बैंक डिटेल आदि के बारे में जानकारी मांगी जाती है तो उसे किसी भी हालत में न दें।