बलरामपुर। तीनों तहसीलों के एसडीएम पहले से ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण करके रिपोर्ट तैयार कर लें। वहीं ऐसे क्षेत्रों में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का ब्योरा भी तैयार करें, जिससे आपदा के समय उनका सहयोग लिया जा सके। यह बातें एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार शुक्ल ने शनिवार को डीएम श्रुति के कैंप कार्यालय में बाढ़ आने पूर्व तैयारी से संबंधित बैठक को संबोधित करते हुए कही।
एडीएम ने जिला स्तरीय अधिकारियों को बाढ़ से बचाव के संबंध में अभी से तैयार रहने का निर्देश दिया। बाढ़ खंड के अधिकारियों को कटान स्थल चिह्नित करने और समय से मरम्मत कराने को। आपदा प्रबंधन सलाहकार सचिन मदान ने बाढ़ पूर्व तैयारियों के संबंध में शासन से प्राप्त दिशा-निर्देश के बारे में जानकारी दी।
सदर एसडीएम अरुण कुमार गौड़, उतरौला एसडीएम डॉ. नागेंद्र नाथ यादव व तुलसीपुर एसडीएम विनोद कुमार सिंह को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण करके स्थिति का आंकलन करने का निर्देश एडीएम ने दिया है। डीपीआरओ नीलेश प्रताप सिंह को बाढ़ प्रभावित गांवों में हैंडपंपों को उच्चीकृत कराने का जिम्मेदारी सौंपी गई। एक्सईएन बाढ़ खंड जेके लाल ने बताया कि जिले के 10 कटान स्थलों को चिह्नित किया गया है जिसमें छह स्थलों के लिए शासन से बजट प्राप्त हो गया है। अन्य चार स्थलों के लिए शासन को शीघ्र प्रस्ताव भेजा जाएगा।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को पशुओं के चारे की पूर्व व्यवस्था, टीकाकरण व दवाइयों आदि का इंतजाम कराने को कहा गया है। चारों नगर निकायों के ईओ को जल जमाव वाले स्थानों की सूची तैयार करने और बड़े नालों की सफाई कराने का निर्देश दिया गया। एडीएम ने बाढ़ खंड के अधिकारियों को निर्देश दिया कि तटबंधों की स्थिति का जायजा लेते रहें। बैठक में एई बाढ़ खंड आशीर्वाद नाथ अंचल, आपदा लिपिक रवि शुक्ल व प्रवीण पांडेय आदि मौजूद रहे।