बलरामपुर। एसीजेएम उतरौला योगेश चौधरी ने दो अलग-अलग मामलों में तीन लोगो को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। कोतवाली उतरौला 3 अप्रैल 1992 को ग्राम केवतली निवासी पारस और जैसराम के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने जांच के बाद दोनों के खिलाफ़ आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद एसीजेएम ने दोनों को मारपीट का दोषी करार देते हुए जेल में बिताई गई अवधि और 1500-1500 रुपये अर्थ दण्ड की सजा सुनाई।
वहीं, 01 जनवरी 1994 को मारपीट का एक और मुकदमा कोतवाली उतरौला में ग्राम डोडाडावर निवासी तिलकराम के खिलाफ दर्ज हुआ था। जांच के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। पत्रावली का अवलोकन करने के बाद एसीजेएम ने तिलकराम को मारपीट का दोषी करार देते हुए जेल में बिताई गई अवधि और 2000 रुपये अर्थ दण्ड की सजा सुनाई।
चाकू रखने पर हुआ दंडित
चाकू के साथ कोतवाली गैसड़ी की पुलिस ने ग्राम मनकापुर निवासी जाकिर को 08 अक्टूबर 2008 को गिरफ़्तार किया था। पुलिस ने मुकदमा लिखकर जांच के बाद आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद एसीजेएम ने जाकिर को अवैध चाकू रखने का दोषी करार देते हुए जेल में बिताई गई अवधि और 2000 रुपये के अर्थ दण्ड से दंडित किया।