बलरामपुर। कोरोना से बचाने में टीका पूरी तरह कारगर है। इसे लेकर कोई भी भ्रम न पाला जाए। टीका लगवाने वाले कोरोना के नए वैरिएंट से भी पूरी तरह सुरक्षित हैं। टीका लगवाने में संकोच न करें। सभी लोग तत्काल अपने करीबी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर टीका अवश्य लगवाएं।
ये बातें जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. एके सिंहल ने गुरुवार को जिले के सभी ग्राम पंचायत सचिवों, ग्राम प्रधानों व पंचायत सहायकों की वर्चुअल बैठक को संबोधित करते हुए कहीं। कोरोना टीका को लेकर लोगों के मन में जो शंका व सवाल थे, उनका निराकरण कराते हुए सभी लोगों से टीका लगवाने की अपील की। इसके साथ ही गर्भवती व धात्री महिलाओं को टीका लगवाने का सुझाव भी दिया।
डॉ. एके सिंहल ने आगे कहा कि डायबिटीज व ब्लड प्रेशर के मरीजों को भी कोरोना का टीका लगवाने में कोई दिक्कत नहीं है। गाइडलाइन के अनुसार बूस्टर डोज तभी लगाया जा सकता है जब लाभार्थी दोनों खुराक ले चुका हो और दूसरी डोज का समय नौ माह पूरा हो गया हो। जिले में 60 साल से ऊपर के 26 हजार बुजुर्गों व गंभीर बीमारियों से ग्रस्त लोगों को बूस्टर डोज दी जा चुकी है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अरुण कुमार ने वर्चुअल बैठक में शामिल ग्राम पंचायत सचिवों, ग्राम प्रधानों व पंचायत सहायकों की शंकाओं का निराकरण कराया। डीपीआरओ नीलेश प्रताप सिंह ने वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि कोरोना से लोगों को सुरक्षित करने में सरकार, प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग ने सराहनीय प्रयास किया है। गांव के सभी लोगों को कोरोना का टीका लगवाकर परिवार व समाज के लोगों को सुरक्षा प्रदान करने में सहयोग करने की जरूरत है।
नीति आयोग की सहयोगी संस्था पिरामल व स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कोरोना वैक्सीनेशन पर गांव के लोगों को जानकारी मुहैया कराने के लिए एक दिवसीय वर्चुअल कार्यशाला कराई गई। पिरामल के जिला कार्यक्रम प्रमुख राकेश शुक्ल, स्टेट प्रभारी अनूप, चंद्रशेखर, डीपीएम संतोष सिंह, वैक्सीन कोल्ड चेन मैनेजर श्याम मिश्र और यूनीसेफ की डीएमसी शिखा श्रीवास्तव ने वर्चुअल संवाद से जुड़े सभी लोगों को सुझाव दिए।