बलरामपुर। देहात कोतवाली में तैनात सिपाही ललित कुमार ने 28 अक्तूबर को रिपोर्ट दर्ज कराई है। बताया कि 13 अक्तूबर काे अपनी पत्नी रजनी उर्फ शिल्पी को विदा कराने लखीमपुर खीरी जनपद में गया था। तभी ससुरालीजनों ने पिटाई कर दी। पुलिस ने सदुलहापुर खीरी निवासी गिरीश चंद्र उर्फ संतोष, रिंकी, रजनी, कुसुमा देवी, रमेश, कन्हैया, प्रियंका, गुंजा, अंशिका व अंशिका की मां के खिलाफ केस दर्ज किया है।
सिपाही ने बताया कि नौ अक्तूबर को सात दिन की छुट्टी लेकर अपने घर ग्राम कोरैय्या उदयपुर थाना इमिलिया सुल्तानपुर जनपद सीतापुर आया था। 13 अक्तूबर को अपनी पत्नी रजनी उर्फ शिल्पी को लेने के लिए ससुराल ग्राम सदुलहापुर जनपद खीरी गया था। छह मार्च 2024 को शिल्पी के साथ मेरी शादी हुई थी। पत्नी चार माह की गर्भवती है। मेरे साले गिरीश चंद्र, गिरीश की पत्नी रिंकी, सास कुसुमा देवी, मेरी पत्नी के चचेरे भाई रमेश व कन्हैया सहित ससुराल के 10 लोगों ने गर्भपात का दबाव बनाया। मना करने पर कमरे में बंद करके मारा-पीटा। आठ हजार रुपये, आधार व पैन कार्ड, एटीएम कार्ड व डीएल आदि छीन लिया। पड़ोसियों ने मेरी जान बचाई। लोगों के सामने ही मेरे कपड़े भी फाड़ दिए। दहेज उत्पीड़न में फंसाने की धमकी दी। पत्नी की जांच व अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट भी फाड़कर फेंक दी है। यूपी 112 पर फोन किया। मौके पर पहुंची यूपी 112 की टीम ने मेरे वाहन की चाबी दिलाई। प्रभारी निरीक्षक गिरजेश तिवारी ने बताया कि केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच के लिए वहां की पुलिस से संपर्क किया गया है।