बलरामपुर। गांवों में 60 करोड़ रुपये से स्वच्छता मिशन को परवान चढ़ाने की कवायद शुरू की गई है। चालू वित्तीय वर्ष में सभी आधुनिक संसाधनों से लैस जिले के 800 ग्राम पंचायतों में एक-एक सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। टॉयलेट, यूरीनल, बाथरूम, कपड़े धोने के चबूतरों व हैंडवॉशिंग प्लेटफॉर्म के साथ सभी सामुदायिक शौचालयों में लोगों के लिए इंतजाम किए जाएंगे।
सबमर्सिबल पंप हाउस व बिजली की चाक-चौबंद व्यवस्थाओं से लैस सामुदायिक शौचालयों का जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के 20 लाख लोगों को लाभ मिलेगा। गांवों में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण दो तरीके से कराने की कार्ययोजना तैयार की गई है।
डीपीआरओ नीलेश प्रताप सिंह ने बताया कि शासन ने कोविड-19 के चलते गैर राज्यों/जनपदों से आने वाले प्रवासी श्रमिकों को गांवों में रोजगार दिलाने के लिए वित्तीय वर्ष 2020-21 में जिले के सभी 800 ग्राम पंचायतों में 60 करोड़ रुपये की लागत से सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराने की जिम्मेदारी सौंपी है। अपर डीपीआरओ नरेश चंद्र व मनोज कुमार त्यागी के साथ बैठक की सामुदायिक शौचालयों के निर्माण कराने का खाका शासन के दिशा-निर्देश के अनुसार तैयार कर लिया गया है।
डीएम व सीडीओ के निर्देश पर ग्राम पंचायतों में दो प्रकार के सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराने के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। अधिक आबादी वाले ग्राम पंचायतों में साढ़े सात लाख और कम आबादी वाले ग्राम पंचायतों में साढ़े पांच लाख रुपये में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। साढ़े सात लाख लागत वाले सामुदायिक शौचालयों में तीन पुरुषों व तीन महिलाओं वाले छह टॉयलेट, छह यूरिनल, तीन वॉशरूम, एक कपड़े धोने के चबूतरा, 12 हैंडवॉशिंग प्लेटफार्म व एक ऑफिस कम सबमर्सिबल सहित पंप हाउस और साढ़े पांच लाख वाले सामुदायिक शौचालयों में चार टॉयलेट, चार यूरिनल, दो वॉशरूम, दो कपड़े धोने के चबूतरे, छह हैंडवॉशिंग प्लेटफॉर्म व एक ऑफिस कम सबमर्सिबल सहित पंप हाउस का निर्माण कराया जाएगा।
सभी सामुदायिक शौचालयों में बिजली के इंतजाम रहेंगे। जिससे गांव के लोगों को नहाने, कपड़े धोने व शौच आदि करने में पानी की दिक्कतों का सामना न करना पड़े। महिलाओं और पुरुषों के टॉयलेट के दरवाजे एक दूसरे के विपरीत अवस्था में लगाए जाएंगे। सभी सामुदायिक शौचालयों में प्रकाश व हवा की व्यवस्था के लिए क्रॉस वेंटिलेशन खिड़कियां लगाई जाएंगी। सभी सामुदायिक शौचालयों के छत की ऊंचाई साढ़े 12 फीट की होगी। सभी सामुदायिक शौचालयों का निर्माण मानक व गुणवत्ता के अनुरूप कराने का निर्देश ग्राम पंचायत सचिवों को दिया गया है। मानक व गुुणवत्ता की अनदेखी और लापरवाही बरतने वाले ग्राम पंचायत सचिवों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। सामुदायिक शौचालयों का निर्माण होने से ग्रामीण क्षेत्रों के करीब 20 लाख लोगों को लाभ मिलेगा।
प्रवासी श्रमिकों को मिलेगा रोजगार
जिले के सभी 800 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण होने से कोविड-19 महामारी के चलते दूसरे राज्यों/जनपदों से आने वाले अधिक से अधिक तकनीकी व गैर तकनीकी प्रवासी श्रमिकों को गांवों में ही रोजगार के अवसर मिल सकेंगे। जिले के सभी 800 ग्राम पंचायतों में बनने वाले सामुदायिक शौचालयों के मानक व गुणवत्ता की निगरानी के लिए सीडीओ अमनदीप डुली को जिम्मेदारी सौंपी गई है। निर्माण कार्य में गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। - कृष्णा करुणेश, डीएम