बलरामपुर। राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 100 दिवसीय विशेष टीबी रोगी खोज अभियान चल रहा है। अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए ब्लॉकों पर कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। अभियान की हकीकत परखने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र श्रीदत्तगंज व उतरौला का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने अभियान के तहत हो रही गतिविधियों का जायजा लिया। उन्होंने अभियान के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश सीएचसी अधीक्षकों को दिया। सीएमओ ने बताया कि जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए 100 दिवसीय सघन टीबी रोगी खोज अभियान चलाया जा रहा है।
एसीएमओ/जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एके शुक्ल ने बताया कि टीबी आमतौर से फेफड़ों को प्रभावित करती है। समय से इलाज शुरू न होने पर यह बीमारी धीरे-धीरे शरीर के अन्य अंगों में भी फैल सकती है। क्षय रोग से बचने के लिए विशेष ध्यान देना चाहिए। दो हफ्ते से ज्यादा खांसी आना, बुखार, रात में पसीना आना, मुंह से खून आना, सीने में दर्द होना, सांस लेने में तकलीफ, वजन कम होना, भूख न लगना, थकान व गर्दन में गिल्टी आदि क्षय रोग के लक्षण हैं। 60 साल से अधिक उम्र वाले व्यक्ति, कुपोषित एवं कमजोर लोग, डायबिटीज रोगी, धूम्रपान एवं नशा करने वाले व्यक्तियों में क्षय रोग होने का खतरा अधिक रहता है।
इस दौरान दोनों सीएचसी पर 100 दिवसीय विशेष टीबी अभियान को लेकर जागरूकता रैली निकाली गई। रैली के जरिए लोगों को टीबी के प्रति जागरूक किया गया। इस अवसर पर जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्र, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी विजय प्रताप सिंह, उतरौला सीएचसी अधीक्षक डॉ. चंद्र प्रकाश व श्रीदत्तगंज सीएचसी अधीक्षक डॉ. अनुराग पांडेय आदि मौजूद रहे।