फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP Politics: गैसड़ी पहुंचे सीएम योगी, 392 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास

Fri, 05 Jun 2026 07:11 PM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर

सार

तराई की धरती पर शुक्रवार को विकास और राजनीति का ऐसा संगम देखने को मिला, जिसने आने वाले विधानसभा चुनावों की आहट महसूस करा दी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने गैसड़ी में 'एक पेड़ मां के नाम' मेगा-अभियान का शुभारंभ किया। आगे पढ़ें पूरी खबर...
विज्ञापन
बच्चे को दुलार करते सीएम योगी। - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

यूपी के बलरामपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने थारू बाहुल्य गैसड़ी क्षेत्र में 392 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। राजनीतिक गलियारों में इसे 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले एक बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
विज्ञापन


गैसड़ी वही विधानसभा क्षेत्र है, जहां 2022 के चुनाव में समाजवादी पार्टी ने जीत दर्ज की थी। ऐसे में मुख्यमंत्री का पहली बार इतने बड़े सरकारी कार्यक्रम के लिए इसी क्षेत्र को चुनना महज संयोग नहीं माना जा रहा। तराई के सीमांत गांवों और थारू समाज के बीच पहुंचकर मुख्यमंत्री ने विकास को केंद्र में रखने के साथ ही भाजपा की जीत न होने से क्षेत्र में विकास के काम कम होने का संकेत भी दिया। 

अपने भाषण में सीएम ने गैसड़ी में शैलेश सिंह शैलू के न जीतने से प्रभावित हुए कार्य की चिंता भी जताई। यह संदेश देने का भी प्रयास किया कि सरकार की प्राथमिकता उन इलाकों तक पहुंचना है, जो लंबे समय तक विकास की मुख्यधारा से दूर रहे। 
विज्ञापन

 

विकास ही सामाजिक और राजनीतिक बदलाव का सबसे बड़ा माध्यम

मुख्यमंत्री के संबोधन में बार-बार गरीब, वंचित, पिछड़े और सीमांत समाज का उल्लेख हुआ। पेयजल, सिंचाई, सड़क और आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं की सौगात देकर सरकार ने यह दिखाने की कोशिश की कि विकास ही सामाजिक और राजनीतिक बदलाव का सबसे बड़ा माध्यम है। 

राजनीतिक विश्लेषक प्रो. एसके मिश्र का मानना है कि यह संदेश समाजवादी पार्टी की पीडीए राजनीति के समानांतर विकास और लाभार्थी वर्ग की राजनीति को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा भी माना जा सकता है। गैसड़ी की सभा में उमड़ी भीड़, थारू समाज की भागीदारी और सीमांत क्षेत्र पर विशेष फोकस ने कार्यक्रम को सामान्य सरकारी आयोजन से अलग पहचान दी। 
विज्ञापन

राजनीतिक निहितार्थों पर भी चर्चा शुरू

मुख्यमंत्री ने जिस क्षेत्र को मंच बनाया, वह केवल भौगोलिक रूप से सीमांत नहीं बल्कि राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। यही कारण है कि विकास परियोजनाओं की घोषणाओं के साथ-साथ कार्यक्रम के राजनीतिक निहितार्थों पर भी चर्चा शुरू हो गई है। 

वहीं स्थानीय एक जनप्रतिनिधि ने बताया कि मुख्यमंत्री का देवीपाटन शक्तिपीठ में रात्रि विश्राम भी इस दौरे का अहम हिस्सा रहा। एक ओर विकास योजनाओं की सौगात, दूसरी ओर क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान से जुड़ाव, इन दोनों के माध्यम से सरकार ने तराई क्षेत्र में व्यापक संदेश देने का प्रयास किया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि गैसड़ी से उठी यह विकास की आवाज केवल बलरामपुर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे अवध और तराई क्षेत्र की राजनीति में इसकी गूंज सुनाई दे सकती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें