बलरामपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रात्रि विश्राम के बाद बुधवार की सुबह शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर में मां पाटेश्वरी की पूजा अर्चना की। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर स्थित गोशाला में गायों को चारा खिलाकर गो सेवा की। मंगलवार की रात उन्होंने जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर जिले की समस्याओं एवं विकास कार्यक्रमों पर चर्चा भी की।
मंगलवार की शाम करीब 6 बजे मुख्यमंत्री प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के साथ शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर पहुंचे थे। उन्होंने रात में जिले के जनप्रतिनिधियों एवं भाजपा पदाधिकारियों के साथ बैठक की।
बैठक में मौजूद सदर विधायक पल्टूराम, तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ल, गैसड़ी विधायक शैलेश कुमार सिंह शैलू, उतरौला विधायक राम प्रताप वर्मा, जिला प्रभारी सुधीर हलवासिया व भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह से जिले की स्थिति के बारे में जानकारी ली।
जनप्रतिनिधियों ने जिले की समस्याओं से अवगत कराते हुए विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि समस्याओं का निराकरण कराने के साथ विकास कार्यों के लिए पर्याप्त बजट मुहैया कराया जाएगा।
प्रदेश अध्यक्ष ने संगठन को मजबूत बनाने और विधान सभा चुनाव की तैयारियों में जुटने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री ने शक्तिपीठ में ही रात्रि विश्राम किया। सुबह मां पाटेश्वरी की पूजा अर्चना के बाद मुख्यमंत्री गोशाला पहुंच गए। उन्होंने गायों को हरा चारा खिलाकर गो सेवा की। सुबह 9 बजे मुख्यमंत्री राजकीय हेलीकाप्टर से गोरखपुर के लिए रवाना हो गए।
जिले के शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह को समाजसेवी एवं एसएससी ग्रुप के एमडी धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू ने हस्त निर्मित चित्र व स्मृति चिह्न भेंट की। कोरोना काल में किए गए सेवा कार्यों पर आधारित श्रद्घा पुस्तिका को भी भेंट किया। इस मौके पर एसएससी ग्रुप के प्रतिनिधि डीपी सिंह व पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश सिंह आदि भी मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के प्रदेश सचिव सर्वेश कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री को मांग पत्र सौंपा। उन्होंने बलरामपुर में सूचना संकुल/प्रेस क्लब का निर्माण कराए जाने, गंभीर रूप से बीमार अथवा दुर्घटना में घायल या मृत्यु होने की दशा में पत्रकारों के परिजनों को उचित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए जाने तथा पत्रकारों की सुरक्षा का उचित प्रबंध किए जाने की मांग की गई है। शिक्षकों की तरफ से सीएम को मांग पत्र सौंपा गया। मांग पत्र में आकांक्षी जनपदों के शिक्षकों का अंतर्जनपदीय स्थानांतरण किए जाने की मांग की गई है।