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Balrampur News: शहर को स्मार्ट बनाने के लिए स्पष्ट सोच जरूरी

Sat, 29 Apr 2023 11:16 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
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बलरामपुर। निकाय चुनाव के लिए मतदान की तिथि नजदीक आती जा रही है। हर ओर शहर की सरकार को लेकर चर्चा है। अमर उजाला ने जागो वोटर मुुहिम के तहत शनिवार को भगवतीगंज में उद्यमियों व व्यापारियों के बीच संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया।
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इसमें उद्यमियों व व्यापारियों ने हर मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखी। समस्याएं गिनाईं। विकास के लिहाज से पिछड़े शहर को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की वकालत की। इसके लिए माइक्रो प्लाॅन भी रखा। एजेंडे पर बात करते हुए कहा कि सबसे बड़ा तथ्य है कि जब कोई भी नेता जनहित व विकास को लेकर मंथन करेगा तो धरातल पर उसका असर दिखेगा।


उद्यमी गंगा शर्मा कहते हैं कि चेयरमैन ऐसा होना चाहिए, जिसके पास कम से कम यह तो विजन होना ही चाहिए कि शहर में व्यापार कैसे बढ़ेगा, लोगों को रोजगार कैसे मिलेगा। उसके पास क्या योजना है, क्या विजन है। शहर को स्मार्ट बनाने के लिए स्पष्ट सोच होनी आवश्यक है। सुरेंद्र शर्मा कहते हैं कि इसके लिए स्पष्ट सोच आवश्यक है। रवि सिंधी बिजली के तारों को अंडरग्राउंड करने की बात कहते हैं तो जगदंबा द्विवेदी का मत है कि टैक्स लगाने में सहूलियत बरती जाए। सुरेंद्र शर्मा व पवन गोयल ने जाम की समस्या तो सुधीर सिंह ने विकास की सोच पर जोर दिया। शरद अग्रवाल कहते हैं कि विकास के विजन पर जोर रहना चाहिए।
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शहर की बेहतरी के लिए हों प्रयास
शहर को साफ-सुथरा रखने के साथ ही बिजली, पानी, सड़क को लेकर प्रयास करें। योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए काम करें। जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं का समाधान करें। शहर की बेहतरी के लिए प्रयास किया जाना चाहिए।
- अमित सिंधी, व्यापारी






समान भाव से करे कार्य
चेयरमैन ऐसा होना चाहिए, जो समान भाव से काम करे। हाउस टैक्स हो या वाटर टैक्स, चेहरा देखकर न लगाए। चौराहों का सुंदरीकरण कराए। जाति व धर्म से ऊपर उठकर शहर का विकास करे।
- श्याम सुंदर केसरवानी, व्यापारी






शहर को सुंदर बनाया जाए
शहर को सुंदर बनाने में शहर की सरकार का अहम योगदान होता है। कम से कम मुख्य मार्ग को एक ऐसा लुक दिया जाए कि अगर कोई दूसरे जिले से आए तो वह यह कहने के लिए मजबूर हो जाए, वाह, क्या शहर है। शहर को सुंदर बनाया जाए।
- सुशील गोयल






तय हो विकास का मानक
शहर की सरकार ऐसी हो, जो विकास का मानक तय करे। मसलन चौराहों पर वाहनों का जमावड़ा न लगे, जगह-जगह कूड़ेदान रखवाए जाएं, पौधे लगवाए जाएं। बिजली, पानी, सड़क की बेहतरी के लिए कार्य करने वाले को प्राथमिकता दी जाएगी।
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- आलोक सिंधी
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