बलरामपुर। जिले में आई आंधी-बारिश के बाद बिजली आपूर्ति व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट सकी है। बिजली विभाग के मरम्मत कार्य तेजी से कराने के दावों के बावजूद छठवें दिन भी करीब 400 गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। नगर के अचलापुर और सिविल लाइंस मोहल्ले में बिजली कटौती के कारण कई सरकारी कार्यालयों में कामकाज प्रभावित है। कर्मचारी बिजली आने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, कांशीराम कॉलोनी में बिजली कटौती से परेशान लोगों ने प्रदर्शन कर विरोध जताया।
आंधी-बारिश के कारण बीते बुधवार से ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था बदहाल है। जिला मुख्यालय पर शनिवार को बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गई थी। नगर के अचलापुर और सिविल लाइंस में मंगलवार को भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई। इससे बड़ा परेड ग्राउंड स्थित खाद्य एवं विपणन विभाग, जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय, राज्य कर कार्यालय और जिला खेल अधिकारी कार्यालय में विभागीय कामकाज प्रभावित रहा।
पिपरहवा चौराहा क्षेत्र में भी छठवें दिन बिजली बहाल नहीं हो सकी। पिपरहवा, कल्याणपुर, नंदमहरा, रेहरा, पूरनपुर, लालनगर, भंगहा कला समेत 20 गांवों में अंधेरा पसरा है। छह दिन से बिजली नहीं आने के कारण ग्रामीणों को गर्मी, पेयजल और मोबाइल चार्जिंग की समस्या से जूझना पड़ रहा है। पेहर बाजार क्षेत्र में भी पांच दिनों से बिजली आपूर्ति ठप है।
तूफान में जगह-जगह बिजली के पोल टूटने और तार गिरने से आपूर्ति प्रभावित हुई है। सबसे बड़ी समस्या 11 केवी लाइन के क्षतिग्रस्त पोल और तारों की है, जिनकी मरम्मत अब तक नहीं हो सकी है। कई स्थानों पर टूटे पोल और तार जस के तस पड़े हैं। एलटी लाइन के भी कई पोल और तार क्षतिग्रस्त हैं। ऐसे में विद्युत आपूर्ति बहाल करना विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है।
रेहरा बाजार क्षेत्र की 60 ग्राम पंचायतों में बिजली गुल है। क्षेत्र के प्रमोद कुमार, रामजस, राकेश कुमार, अकबाल और सलीम ने बताया कि विद्युत उपकेंद्र के तहत 150 से अधिक पोल टूट गए थे। मनकापुर से आने वाली 33 हजार वोल्ट की लाइन क्षतिग्रस्त होने से बिजली आपूर्ति बहाल करने में देरी हो रही है।
हरैया सतघरवा विद्युत उपकेंद्र से संबंधित करीब 300 गांवों में छह दिनों से बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। बेलवा, परसपुर कमदा, धौरीकला, धरमपुर, महमूदनगर, हरैया, बरदौलिया, भड़सहिया, मणिपुर, चौधरीडीह, मोतीपुर कला, भगवानपुर, बलोहवा, कोल्हुई, धन्नीडीह, खपरीपुर, पिपरहवा, बिनुहनी, रतनवा, हिंडुलीकला, सिकंदर बोझी, उदईपुर, मजगंवा, फकीरीडीह, गुगौली कला, लौकी कला, बनकटवा, सुल्ताना, रानियांपुर कटकुइंया और जयरामपुर खादर में अंधेरा छाया है।
क्षेत्रवासी पीतांबर गिरि, बालकराम यादव, उमानाथ वर्मा ने बताया कि बिजली नहीं आने से घरेलू उपकरण बंद हैं। मोबाइल चार्ज नहीं हो पा रहे हैं, जिससे लोगों को बातचीत करने में भी परेशानी हो रही है।
प्रभारी मंत्री के आने के बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था
जिले में आंधी-बारिश से बदहाल बिजली व्यवस्था का जायजा लेने के लिए बीते दिन उत्तर प्रदेश शासन के खाद्य एवं रसद राज्य मंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री सतीश चंद्र शर्मा आए थे। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर लोगों की समस्याओं का तेजी से निस्तारण कराने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं हो सका है।
तार की चपेट में आने से भैंस की मौत
पचपेड़वा क्षेत्र के हटवा गांव में 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन तार की चपेट में आने से एक भैंस की मौत हो गई। गांव के राम सजीवन ने बताया कि वह गांव के बाहर नदी किनारे भैंस चराने गए थे। वहीं हाईटेंशन तार गुजर रहा था। चरते समय भैंस तार की चपेट में आ गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इससे करीब 50 हजार रुपये का नुकसान हुआ है।
फोटो-25-बलरामपुर के पेहर बाजार के पास गिरा पोल व बिजली का तार ।-संवाद