बलरामपुर। जिले की बैंकों में लावारिस खातों में जमा धनराशि निकालने के लिए दावा आने शुरू हो गए हैं। अब तक दो बैंकों में 15 उपभोक्ताओं ने करीब 10 लाख रुपये पर दावा किया है। अब बैंक अधिकारी दावेदारों के अभिलेख सत्यापन में जुट गए हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से 10 वर्षों से अधिक समय तक निष्क्रिय खातों को लावारिस घोषित करते हुए उनके वारिस खोजने का अभियान शुरू किया गया है। इस संबंध में अमर उजाला ने 20 नवंबर के अंक में 2.24 लाख लावारिस खातों में जमा हैं 74.31 करोड़ रुपये शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर छपने के बाद लावारिस खातों पर दावा आने शुरू हुए हैं। 30 नवंबर तक इंडियन बैंक की विभिन्न शाखाओं में 15 व उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में पांच उपभोक्ताओं ने लावारिस खाते में जमा धनराशि पर दावा किया है। दावेदारों से खाता संचालन के संबंध में अभिलेख मांगे जा रहे हैं, ताकि वास्तविक वारिस को पैसा दिया जा सके।
जागरूकता अभियान चलाएंगे बैंक अधिकारी
लावारिस खातों में जमा धनराशि उनके वास्तविक वारिसों तक पहुंचाने के लिए बैंकों की तरफ से जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। प्रचार वाहन की मदद से शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में लावारिस खातों में जमा धनराशि के बारे में लोगों को जानकारी दी जाएगी। लावारिस खातों की सूची भी बैंकों द्वारा चस्पा कराई जाएगी।
- अमित कुमार, एलडीएम बलरामपुर