हरैया सतघरवा (बलरामपुर)। शाम के समय मां के साथ खेत की तरफ गए मासूम पर जंगल से निकल कर आए तेंदुए ने हमला कर मार डाला। मां अपने बेटे को बचाने के लिए चीखती रही लेकिन मासूम की जान नहीं बचा पाई।
ग्राम कठकुइंया निवासी जनकदुलारी पत्नी विजय कुमार ने बताया कि गुरुवार रात करीब आठ बजे वह अपने बेटे कमलेश (4) को लेकर गांव के बाहर मक्के के खेत की तरफ नित्यकर्म के लिए गई थी। जनकदुलारी ने बेटे को खेत के बाहर खड़ा कर दिया और खुद अंदर चली गई।
इसी बीच खेत में घात लगाए बैठे तेंदुए ने कमलेश पर हमला कर दिया। बच्चे के चीखने की आवाज सुन जनक दुलारी भी खेत से बाहर आ गई। जनक दुलारी ने शोर मचाना शुरू किया लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। तेंदुए के हमले में गला कट जाने से कमलेश की मौत हो चुकी थी।
शोरगुल सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने हांका लगाना शुरू किया तो तेंदुआ कमलेश को छोड़कर जंगल की तरफ भाग गया। मामले की जानकारी पाकर शुक्रवार को मौके पर पहुंचे डीएफओ रजनीकांत मित्तल तथा बनकटवा रेंजर राकेश कुमार सिंह ने घटना की जानकारी ली। ग्रामीणों को सतर्क रहने तथा जंगल की तरफ न जाने की सलाह दी गई है। हरैया थाने के प्रभारी थानाध्यक्ष कमलेश कुमार ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
तेंदुए के हमले में मासूम की मौत से कठकुइयां तथा आस पास के ग्रामीण शुक्रवार को काफी नाराज दिखे। ग्रामीण अशर्फीलाल, राम नोहर, जगदीश, दयाराम, रक्षाराम, राधेश्याम, मनोज कुमार, धर्मराज, जग्गू, बाबूराम, बच्चूलाल व सरयू प्रसाद आदि ने वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए कहा कि आस पास के गांव में आए दिन तेंदुए का हमला होता रहता है। अब तक कई बच्चों की मौत हो चुकी है।