बलरामपुर के वीर विनय चौराहा पर फल व पूजन सामग्री की खरीदारी करतीं महिलाएं। संवाद
बलरामपुर। सूर्य उपासना का महापर्व डाला छठ शनिवार को नहाय खाय के साथ शुरू हो गया। चार दिन तक चलने वाले इस महापर्व में सूर्य देव की उपासना की जाएगी। डाला छठ में 26 अक्तूबर को खरना, 27 अक्तूबर को डूबते सूर्य एवं 28 अक्तूबर को उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। चार दिवसीय महापर्व के पहले दिन श्रद्धालुओं ने घरों में नहाय खाय के साथ डाला छठ का व्रत शुरू किया।
श्रद्धालु नेहा सिंह, सुरेशी मिश्रा, ललिता पांडेय, दीपिका मिश्रा ने बताया कि सुबह घरों की सफाई के बाद स्नान कर नए वस्त्र धारण करके व्रत का संकल्प लिया है। छठ महापर्व के चारों दिन सूर्य उपासना के दौरान लहसुन-प्याज सहित कई अन्य चीजों से परहेज किया जाएगा। फलाहार कर भगवान भास्कर की उपासना करेंगे। व्रतधारी के भोजन करने के बाद ही परिवार के दूसरे सदस्य भोजन करेंगे। मान्यता है कि डाला छठ के दौरान भगवान भास्कर की उपासना करने से श्रद्धालुओं के सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं। छठ महापर्व का व्रत रखने से तेजस्वी पुत्र की प्राप्ति व लंबी आयु के साथ परिवार में सुख-समृद्धि बढ़ती है।
बलरामपुर चीनी मिल, शुगर कंपनी तुलसीपुर, बजाज चीनी मिल इटईमैदा के साथ पूर्वांचल के जनपदों से यहां नौकरी या व्यवसाय करने वाले परिवारों में छठ महापर्व को लेकर खासा उत्साह है। डाला छठ के दूसरे दिन 26 अक्तूबर को खरना होगा।
नगर पालिका अध्यक्ष ने तैयारियों का लिया जायजा
नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू ने शनिवार को झारखंडी सरोवर का निरीक्षण किया। उन्होंने सरोवर परिसर में चल रहे निर्माण एवं सुंदरीकरण कार्य की प्रगति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के अंदर सभी कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया। सरोवर क्षेत्र की साफ-सफाई, चूना छिड़काव, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिए जाने की बात कही। निरीक्षण के समय ईओ लालचंद मौर्य, अध्यक्ष प्रतिनिधि डीपी सिंह बैस, जेई सिविल अविनाश यादव, जेई जल धर्मेंद्र कुमार गौड़, निरीक्षक दिवाकर पांडेय व रामनारायण यादव सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।