बलरामपुर। अवैध धर्मांतरण के सरगना जमालुद्दीन उर्फ छांगुर का गिरोह राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में भी जुटा था। देश भर में अपने अवैध कारनामों का जाल बुना था, जिसमें तीन हजार से अधिक लोगों को शामिल किया था। छांगुर के कई राज तो सामने आ चुके हैं, लेकिन उसके देश के संदिग्ध या प्रतिबंधित संस्थाओं से ताल्लुक की अब छानबीन हो रही है।
छांगुर ने दुबई, सऊदी, तुर्की जैसे देशों में अपनी पहुुंच बनाई थी। इससे माना जा रहा है कि उसके सबंध उन संस्थाओं से भी रहा है कि जो देश में अशांति फैलाने का काम कर रहीं हैं। देश में छांगुर का नाम अब सर्वाधिक धर्मांतरण कराने में दर्ज हो चुका है। उससे पीड़ित भी अब कई जिलों में शिकायतें कर रहे हैं। कार्रवाई होने के बाद लोगों के हौसले बुलंद हुए हैं, जिससे छांगुर के करतूत और उनसे जुड़े लोगों का नाम उजागर हो रहा है।
छांगुर ने अपने मूल गांव रेहरामाफी में उतरौला के मधपुर में ठिकाना भी इसलिए ही बनाया था ताकि उससे मिलने वालों को लोगों की नजर बचाया जा सके। मिलने वालों में ऐसे लोगों की जानकारी जांच एजेसिंयों को हुई जो धर्मांतरण को बढ़ावा देते हैं। अब छांगुर के मधपुर स्थित आवास से मिले अभिलेखों में संस्थाओं की पड़ताल हो रही है। इसमें कुछ संस्थाओं के बारे में जानकारी भी हुई है। एजेंसियां अब उन संस्थाओं के संबंधों की कड़ियों के सहारे छांगुर के रिश्तों की पहचान करने में जुटी हैं। अभी तक केरल, चेन्नई, कर्नाटक, महाराष्ट्र आदि प्रदेशों में छांगुर के सहयोगियों की जानकारी मिली है। इसके साथ ही नेपाल में छांगुर गिरोह की गतिविधियों की पड़ताल हो रही है। इस जांच से कई राज भी खुलने की आशंका है।
अब तक आठ सहयोगी गिरफ्तार, बाकी की तलाश
संवाद न्यूज एजेंसी
बलरामपुर। आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने छांगुर और उसके गिराेह के सदस्यों को दबोचा भी है। इस मामले में अभी तक आठ की गिरफ्तारी जिले से हो चुकी है। इसके बाद भी अभी कइयों की गिरफ्तारी होनी है। एटीएस की नजर छांगुर के करीबियों व गुर्गाें पर टिकी है। उनके वर्तमान लोकेशन की छानबीन हो रही है।
तलाशे जा रहे नागपुर के साथ ही गुजरात में पैठ के राज
बलरामपुर। छांगुर से जुड़े दस्तावेज के आधार पर ईडी ने महाराष्ट्र में दो ठिकानों पर बीते दिनों छापा मारा था। वहां जांच के बाद कई महत्वपूर्ण अभिलेख भी हाथ लगे हैं। इससे छांगुर मामले की जांच कर रही एजेंसी भी सक्रिय हो गई है। नागपुर में एक संस्था का पदाधिकारी बनकर छांगुर अफसरों पर रौब डालता था।
उस संस्था के जिस पदाधिकारी ने छांगुर को यूपी में पदाधिकारी बनाया था, उसकी भी जांच हो रही है। नागपुर की संस्था के राष्ट्रीय महासचिव इदुल इस्लाम पर एटीएस की पहले से ही नजर है। इसके अलावा संस्था से जुड़े अन्य संदिग्ध लोगों की भी छानबीन हो रही है। बताया जा रहा है कि इदुल इस्लाम के अलावा भी छांगुर के कई पदाधिकारियों से संबंध थे। वह लोग छांगुर के जलसों में भी आते थे। इसके साथ ही गुजरात के एक कारोबारी से संबंध होने की बात सामने आई। इसने श्रावस्ती में मदरसा भी खोल रखा था।
बताया जा रहा है कि संस्था से जुड़े लोग छांगुर जैसे लोगों को प्रश्रय देने का काम करते रहे हैं। इससे विदेशी फंड मिलने के भी संकेत मिले हैं। फिलहाल अभी एटीएस के हाथ इदुल इस्लाम नहीं लग सका है।