बलरामपुर। आपके मोबाइल में अश्लील वीडियो मिला है। एफआईआर दर्ज हो गई है। मेरे वरिष्ठ अधिकारी आपकी जांच करेंगे। मामले को खत्म करना चाहते हो तो एक क्यूआर कोड भेज रहा हूं, इस पर जल्दी से पैसे ट्रांसफर कर दो। पैसे ट्रांसफर नहीं करोगे, तो वीडियो वायरल कर देंगे और जेल भी जाना पड़ेगा। फोन पर साइबर ठग की इस धमकी से इश्तियाक अली घबरा गए। डर और मानसिक दबाव में आकर 9,42,200 रुपये विभिन्न किस्तों में ऑनलाइन भेज दिए। बाद में ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। साइबर सेल ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
रेहरा बाजार क्षेत्र के ग्राम बंजरिया हुसैन निवासी इश्तियाक अली ने 13 फरवरी को रिपोर्ट दर्ज कराई है। बताया कि 20 जनवरी को अज्ञात व्यक्ति ने मोबाइल पर फोन किया। कहा, मोबाइल फोन से अश्लील वीडियो देखा गया है। इसी आधार पर एफआईआर दर्ज हो गई है। इसके बाद अलग-अलग नंबरों से लगातार कॉल व व्हाट्सएप संदेश भेजकर डराया-धमकाया। अज्ञात लोगों ने अधिकारी बताकर मामले को निपटाने के नाम पर व्हाट्सएप के जरिये क्यूआर कोड भेजे और रकम ट्रांसफर कराने का दबाव बनाया। डरकर 20 से 31 जनवरी 2026 के बीच 9,42,200 रुपये विभिन्न किस्तों में ऑनलाइन भेज दिए। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने आठ फरवरी 2026 को एनसीआरपी पोर्टल (राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग) पर शिकायत दर्ज कराई।
साइबर अपराध क्राइम थाना प्रभारी आरपी यादव ने बताया कि साइबर क्राइम थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट और धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने पीड़ित के बैंक लेनदेन, मोबाइल कॉल डिटेल, व्हाट्सएप चैट और ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड जुटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही जिन मोबाइल नंबरों और खातों में रकम भेजी गई, उनकी तकनीकी जांच कर आरोपियों की पहचान की जा रही है। साइबर ठगों को देने के लिए पीड़ित ने कुछ दोस्तों से काफी रुपये उधार भी लिए थे। दोस्तों से कहा था कि दुबई जाएंगे तो कमाकर पैसे वापस कर देंगे।
अज्ञात नंबरों से कॉल करने वालों पर न करें भरोसा
आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात कॉल, लिंक या क्यूआर कोड आदि पर भरोसा न करें। डराने-धमकाने वाले संदेश मिलने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने में सूचना दें। मामले की विवेचना हो रही है। जल्द आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी।
-विकास कुमार, पुलिस अधीक्षक