बलरामपुर। पचपेड़वा थाने में दर्ज नवजात बच्चा बेचने के मामले में पुलिस की विवेचना पूरी हो गई है। नर्सिंग होम संचालक के साथ ही आपरेशन करने वाले डाक्टर व बढ़नी सिद्धार्थनगर के सभासद के खिलाफ आरोप पत्र पुलिस ने कोर्ट में पेश किया है। घटना में दो चिकित्सक व सभासद निसार अहमद गिरफ्तार हुआ था। इनमें से आपरेशन करने वाले चिकित्सक डॉ. हफीजुर्रहमान खान को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। जबकि नर्सिंग होम संचालक डॉ. अकरम जमाल व सभासद निसार अहमद अभी जेल में हैं।
आरोप पत्र पेश किए जाने के बाद अब आरोपियों के खिलाफ सजा का निर्धारण सुनवाई के बाद कोर्ट तय करेगा। पचपेड़वा में अवैध रूप से संचालित होने वाले एक निजी अस्पताल से नवजात को खरीदने के मामले में पुलिस ने पीड़ित मां की शिकायत पर पूरी कार्रवाई की थी। जिले के गौरा थाना क्षेत्र की एक महिला का 29 अक्तूबर को पचपेड़वा क्षेत्र के जुडीकुइयां में स्थित मिशन अस्पताल एवं जच्चा बच्चा सर्जिकल केंद्र पर ऑपरेशन से बच्चा हुआ था। प्रसूता को मृत बच्चा पैदा होने की जानकारी दी गई। लेकिन उसे बच्चे का शव नहीं दिखाया गया।
इससे प्रसूता को अपना बच्चा जीवित होने का संशय हुआ। उसे सपने में बच्चे के जीवित होने के सपने भी आते थी। पीड़िता ने 28 नवंबर को पचपेड़वा थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी। इस मामले में मिशन अस्पताल व जच्चा-बच्चा सर्जिकल केंद्र के डॉ. अकरम जमाल से पूछताछ की गई। पूछताछ में पता चला कि बढ़नी स्थित रूबी हेल्थ केयर का डॉ. हफीजुर्रहमान खान की मदद से बढ़नी सभासद निसार अहमद ने बच्चे को खरीदा है। केस दर्ज होने के बाद से सभासद फरार हो गया। बाद में पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
मामले की छानबीन में जुटी पुलिस ने निसार से मिले सुराग और अन्य तथ्यों की जांच की तो कई अहम बातें सामने आईं। इसी को आधार बनाकर पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत की। अब जल्द ही इस मामले की सुनवाई शुरू हो जाएगी।
- बच्चा बेचे जाने के मामले में चिकित्सकों और सभासदों की गिरफ्तारी हुई तो आरोपितों ने पीड़िता को कई दांव चला। सभासद निसार ने तो पीड़िता को बदनाम करने के लिए यह बात फैला दी कि वह जानबूझकर अपना बच्चा अस्पताल में छोड़ गई थी। पुलिस ने जांच में पाया कि नवजात को बेचा गया है। करीब तीन महीने की जांच में पुलिस ने काफी साक्ष्य एकत्र किए।