फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीबीसी मशीन खराब, 350 रुपये में बाहर से जांच कराना मजबूरी

विज्ञापन
विज्ञापन
बलरामपुर। डेंगू व बुखार के मरीजों को जिला मेमोरियल चिकित्सालय की लैब में खराब कंप्लीट ब्लड काउंट (सीबीसी) मशीन दोहरा दर्द दे रही है। बुखार के मरीजों के शरीर में प्लेटलेट्स की स्थिति जानने के लिए डॉक्टर उन्हें सीबीसी जांच कराने की सलाह देते हैं। मगर चिकित्सालय की लैब में सीबीसी मशीन खराब होने के चलते मरीजों को 350 रुपये खर्च करके निजी पैथोलॉजी से जांच करानी पड़ती है।
विज्ञापन

जिला मेमोरियल चिकित्सालय में इन दिनों बुखार के 500 से अधिक मरीज प्रतिदिन आ रहे हैं। इसमें आधे से अधिक मरीजों में खून का स्तर (हीमोग्लोबिन), इंफेक्शन (टीएलसी-डीएलसी) व प्लेटलेट्स का स्तर जानने के लिए डॉक्टर सीबीसी जांच लिखते हैं, लेकिन अस्पताल की लैब की सीबीसी मशीन खराब है। ऐसे में मरीजों को निजी पैथोलॉजी में पैसे खर्च करने पड़ते हैं। डेंगू के मरीजों को कई बार (हर दूसरे-तीसरे दिन) सीबीसी जांच करानी पड़ती है।
बालरोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश सिंह, फिजीशियन डॉ. रमेश पांडेय व डॉ. अजय पांडेय बताते हैं कि बुखार के लगभग आधे मरीजों को सीबीसी जांच लिखना मजबूरी है। जांच में प्लेटलेट्स कम मिलने पर डेंगू टेस्ट कराया जाता है। मगर मशीन खराब होने के कारण कम से कम मरीजों को ही सीबीसी जांच लिखी जा रही है।
विज्ञापन

पैथालॉजिस्ट डॉ. शशिकांत मिश्र ने बताया कि सीबीसी मशीन ठीक करने के साइरिक्स कंपनी को 20 अक्तूबर से अब तक पांच पत्र लिखे जा चुके हैं। सोमवार को मशीन ठीक न होने पर आवश्यक कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजा जाएगा।
जिला मेमोरियल अस्पताल की पैथोलॉजी में जांच के लिए लगी मशीन व उसका रसायन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी पीओ सिटी कंपनी की है जबकि इन मशीनों के खराब होने पर ठीक कराने का ठेका साइरिक्स कंपनी को मिला है, लेकिन कंपनी के कर्मचारी इस मशीन को ठीक कराने में रुचि ही नहीं ले रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें