बलरामपुर। न्यायालयों में बढ़ते मुकदमों के बोझ को कम करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की तरफ से लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। लोक अदालत में आपसी सुलह समझौते के आधार पर मुकदमों का निस्तारण कराया जाता है। जिला जज शेषमणि ने 10 जुलाई को होने वाले लोक अदालत में फरियादियों से शामिल होने की अपील की है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि अदालतों का भार कम करने के लिए ऐसे मामले जिन्हें आपसी सुलह समझौते के साथ आसानी से निपटाया जा सकता है इसके लिए 10 जुलाई को जिला सत्र न्यायालय व तहसीलों में लोक अदालतें लगाई जाएंगी।
लोक अदालतों में सभी प्रकार के लघु वाद जैसे यातायात चालान, लघु आपराधिक प्रकरण, नगर पालिका से संबंधित मामले, बैंक, सिविल , उपभोक्ता फोरम, राजस्व, चकबंदी, श्रम, मध्यस्था, नगर निकायों के टैक्स वसूली, विद्युत, अंतिम रिपोर्ट, उत्तराधिकार, बीमा, वेतन, सेवा, सेवानिवृत्ति, किराएदारी व मोटर अधिनियम जैसे मामले लोक अदालतों में आपसी सुुलह समझौते से निस्तारित कराए जाएंगे।
लोक अदालत में कोरोना प्रोटोकाल का पालन किया जाएगा। लोक अदालत में अधिक से अधिक से अधिक वादों के निस्तारण के लिए पक्षकारों को नोटिस भेजने व तामीला की जा रही है। सिविल वादों में अधिवक्ताओं की तरफ से पक्षकारों को उत्प्रेरित करने के संबंध में दिशा निर्देश जारी किए गए है।
राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से प्री लिटिगेशन स्तर के बैंक के मामलों को निस्तारित कराने में बैंकों की तरफ से ब्याज में छूट प्रदान की जाती है। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने जनता से अपील किया है कि लोक अदालत में धन व समय दोनों की बचत होती है इसलिए अपने वादों को निस्तारित कराकर लाभ प्राप्त करें।