बलरामपुर। बेसिक शिक्षा महकमा ने फर्जी अभिलेख वाले दो शिक्षकों पर कार्रवाई का शिकंजा कसा है। दोनों शिक्षकों को 15 जुलाई की अंतिम सुनवाई में पक्ष रखने का मौका दिया गया है। दो बार सुनवाई में शामिल न होने पर उनके पते पर डाक के माध्यम से सूचना भेजी गई है। साथ ही अंतिम सुनवाई में उपस्थित होने के लिए दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशन भी करा दिया गया है। अंतिम सुनवाई में शामिल न होने पर संबंधित शिक्षकों के खिलाफ बर्खास्त करने के साथ केस दर्ज कराने की भी चेतावनी दी गई है।
बीएसए डॉ. रामचंद्र ने गुरुवार को बताया कि तुलसीपुर के पीएस ठाकुरपुर में बालेंद्र कुमार मिश्र व शिवपुरा के पीएस कठौता में लवकुश शुक्ल के खिलाफ दूसरे के अभिलेख व फर्जी स्थानांतरण आदेश से नौकरी हथियाने की शिकायत मिलने पर जांच शुरू की गई है। जांच शुरू होने के बाद सबसे पहले वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक अश्वनी कुमार जायसवाल ने दोनों शिक्षकों का अग्रिम आदेश तक के लिए वेतन अवरुद्ध कर दिया है।
देवरिया जनपद के थाना खूखुन्द ग्राम घुसरी पड़रीबाजार निवासी बालेंद्र कुमार मिश्र व सिद्धार्थनगर जनपद के ग्राम देवरिया चमन पोस्ट चिताही व आवास विकास कालोनी कानपुर निवासी लवकुश शुक्ल के पते पर डाक से सूचना भेजकर सभी सुनवाई में शामिल होने का निर्देश दिया गया। बालेंद्र को 13 व 28 फरवरी को और लवकुश को 30 मई व 18 जून को डाक से सूचित किया गया लेकिन दोनों शिक्षक किसी भी सुनवाई में शामिल नहीं हुए।
विभाग की तरफ से समाचार पत्रों में प्रकाशन कराकर घर के पते पर सूचना भेजकर 15 जुलाई को होने वाली अंतिम सुनवाई में शामिल होने का निर्देश दिया गया है। सुनवाई में शामिल न होने और अपना पक्ष न रखने वाले संबंधित शिक्षक को बर्खास्त करके उनके पता के आधार पर नगर कोतवाली में केस दर्ज करा दिया जाएगा और भविष्य में कोई भी दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा।