बलरामपुर। ट्रक चालकों की देशव्यापी हड़ताल के दौरान उपलब्धता होने पर भी पेट्रोल व डीजल न देने पर प्रशासन ने एक पंप संचालक समेत चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। यह सख्त कार्रवाई बीती दो जनवरी को फीलिंग स्टेशन पर अचानक पेट्रोल व डीजल का वितरण बंद कर देने के मामले में हुई जांच के आधार पर की गई है। डीएम के निर्देश पर हुई जांच में सामने आया कि पंप संचालक ने पेट्रोल व डीजल की कालाबाजारी करने के उद्देश्य से ही अचानक वितरण कार्य बंद किया था।
डीएम के निर्देश पर मामले की जांच कर रहे जिला पूर्ति अधिकारी कुमार निर्मलेंदु ने शहर में संचालित सिंह मोटर स्टोर्स पंप के मालिक सहित चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।जांच में उजागर हुआ कि दो जनवरी को टंकी पर पेट्रोल व डीजल की पर्याप्त उपलब्धता होने के बाद भी अचानक पंप पर स्टॉक खत्म होने का बोर्ड लगाकर वितरण बंद कर दिया गया था।
इसकी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने जिला पूर्ति अधिकारी व एसडीएम सदर राजेंद्र बहादुर की संयुक्त अध्यक्षता में जांच के लिए एक टीम गठित की थी। टीम में क्षेत्रीय विक्रय अधिकारी अजय पांडेय, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी राकेश व निरीक्षक विधिक माप विज्ञान अमित कुमार गौतम भी शामिल थे। जांच में सामने आया कि दो जनवरी को रात्रि सवा आठ बजे रिटेल आउटलेट पर पेट्रोल व डीजल उपलब्ध होने के बावजूद पंपधारक ने ग्राहकों को इसकी बिक्री नहीं की। इतना ही नहीं परेशान उपभोक्ताओं को वितरण मशीन तक पहुंचने से रोकने के लिए एक छोर से दूसरे छोर तक रस्सी बांधकर जानबूझ कर अवरोध उत्पन्न कर पंप परिसर की सभी बत्तियां भी बुझाकर अंधेरा कर दिया गया था। पंप संचालक का यह कार्य जमाखोरी व कालाबाजारी को बढ़ावा देने की श्रेणी में आता है। इस रिपोर्ट के आधार पर ही पूर्ति निरीक्षक मुकेश कुमार पांडेय ने थाना कोतवाली नगर में पंप मालिक विष्णु कुमार अग्रवाल, पत्नी संगीता अग्रवाल पुत्र जतिन अग्रवाल निवासी स्टेशन रोड, भगवतीगज तथा रिटेल आउटलेट के प्रबंधक सूरज दूबे के खिलाफ आवश्यक वस्तु वितरण अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया है।