बलरामपुर। पुलिस भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा करने वालों के विरुद्ध पुलिस की कार्रवाई जारी है। शुक्रवार को पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। देवरिया से उस अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया है, जिसने परीक्षा पास कराने का ठेका साॅल्वर गैंग को दिया था। शहर की पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए एक महीने से मशक्कत कर रही थी।
बृहस्पतिवार की शाम को पुलिस ने देवरिया में डेरा डाल दिया था और उसके घर के बाहर गिरफ्तारी की। अपर पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार ने बताया कि पूरे मामले में दो और लोगों की तलाश हो रही है।
बीते 18 फरवरी को जिले के 14 परीक्षा केंद्रों पर करीब 15 हजार अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। उसी दिन परीक्षा में साॅल्वर गैंग से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। बलुहा चौकी प्रभारी अविरल शुक्ल ने उस दिन बिहार के मुंगेर जनपद के असरगंज थाना क्षेत्र के मनगरवा निवासी साॅल्वर नितिश कुमार को पकड़ा था। उस समय नितिश देवरिया के थाना भटनी क्षेत्र के पड़ौली गांव निवासी उपेंद्र यादव के स्थान पर परीक्षा देते धरा गया था। पुलिस के हाथ उपेंद्र नहीं लग सका था। एएसपी के निर्देश पर बनी शहर की टीम ने उपेंद्र की तलाश की तो बीते माह से वह घर पर नहीं मिला। पुलिस को बृहस्पतिवार को उसकी लोकेशन उसके गांव में मिली। चौकी प्रभारी अविरल अपनी टीम के साथ देवरिया रवाना हुए और घेराबंदी करके साॅल्वर गैंग को परीक्षा पास कराने का ठेका देने वाले उपेंद्र यादव को उसके घर के बाहर से गिरफ्तार किया।
शुक्रवार को आरोपित को न्यायालय पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। वहीं, अब पुलिस दो और आरोपितों की तलाश में जुट गई है। माना जा रहा है कि पुलिस भर्ती परीक्षा में नकल कराने की पूरी योजना में उन दोनों की भी अहम भूमिका है।