बलरामपुर। निरक्षरों को साक्षर बनाने का अभियान चलाया जाएगा। 15 वर्ष से अधिक आयु वाले युवक-युवतियों को अभियान में शामिल किया जाएगा।
75 प्रतिशत महिलाओं और 25 प्रतिशत पुरुषों को साक्षर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उप शिक्षा निदेशक/डायट प्राचार्य विनय मोहन वन ने अभियान को परवान चढ़ाने का जिम्मा डायट प्रवक्ता चंद्रमणि मिश्र को सौंपा है।
डायट प्रवक्ता ने सोमवार को बताया कि अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने पत्र भेजकर पढ़ना-लिखना अभियान चलाने का निर्देश दिया है। साक्षरता अभियान के लिए जिला स्तरीय योजना तैयार की जा रही है।
सामुदायिक सहभागिता और आईईसी गतिविधियों के लिए रणनीति तैयार की जा रही है। जिले के सभी स्कूलों, कॉलेजों, स्काउट गाइड, पंचायतों व नगर निकायों की सहभागिता के लिए गतिविधियां कराई जाएंगी।
जिला स्तरीय अधिकारियों के सहयोग से जिला गुणवत्ता निगरानी प्रणाली के तहत वर्ष में तीन बार विशेषज्ञों की टीमें साक्षरता कक्षाओं का निरीक्षण करके रिपोर्ट तैयार कराएंगी।
शिक्षार्थियों, शिक्षकों, पर्यवेक्षकों, मूल्यांकन कर्ताओं, पंचायतों, वार्डों आदि कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाली एजेंसियों की भूमिका परिभाषित करके चार्ट तैयार किया जाएगा। जिला स्तर पर बैठकें कराई जाएंगी।
पर्यवेक्षकों, एजुकेटर्स पंचायतों व वार्डों आदि के लिए शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। जिला स्तर पर साक्षरता मूल्यांकन परीक्षा कराई जाएगी। समय-समय पर सामाजिक अंकेक्षण के लिए सभी जानकारियों को सार्वजनिक डोमेन में रखा जाएगा।
शिक्षार्थियों-शिक्षक-पर्यवेक्षकों का डाटा बेस तैयार किया जाएगा। साथ ही पोर्टल पर डाटा की वेब आधारित प्रविष्टियों को सुनिश्चित किया जाएगा।