बलरामपुर। नौनिहालों को गढ़ने वाले गुरुजनों को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। चयनित गुरुजनों को 10 हजार रुपये का पुरस्कार मिलेगा। राष्ट्रीय पुरस्कार पाने के लिए 31 दिसंबर तक हर हाल में आवेदन करना होगा।
उप शिक्षा निदेशक/डायट प्राचार्य विनय मोहन वन ने जिले के सभी शिक्षकों से निर्धारित समय के अंदर आवेदन करने की अपील की है।
डायट प्राचार्य ने सोमवार को बताया कि निदेशक राज्य शैक्षिक अनुसंधान व प्रशिक्षण परिषद लखनऊ की तरफ से सभी शिक्षकों से राष्ट्रीय पुरस्कार पाने के लिए आवेदन मांगा गया है।
संयुक्त शिक्षा निदेशक एसएसए अजय कुमार सिंह ने डायट प्राचार्य के साथ बीएसए डॉ. रामचंद्र को भी अधिक से अधिक शिक्षकों से राष्ट्रीय पुरस्कार में आवदेन कराने को कहा गया है।
पत्र के अनुसार हर साल राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए शिक्षकों को मौका दिया जा रहा है। सूचना विवरणिका में दिए गए निर्देश के अनुसार शिक्षकों व शिक्षक-प्रशिक्षकों को उनकी तरफ से किए जा रहे नवाचारी कार्यों का विवरण तैयार करके 31 दिसंबर तक हर हाल में भेजना होगा।
इस योजना के तहत 60 चयनित प्रतिभागियों को पुरस्कार स्वरूप 10 हजार रुपये की धनराशि दी जाएगी। प्रिंसिपल क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान अजमेर के पत्र के अनुसार अपने संस्थान के संकाय सदस्यों व जिले के शिक्षकों को अवगत कराकर आवेदन कराने को कहा गया है।
शिक्षा में नवाचार पद्धतियों व प्रयोगों पर विद्यालयों और अध्यापक शिक्षा संस्थान के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार दिया जाएगा। डायट प्राचार्य व बीएसए ने जिले के शिक्षकों से राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए आवेदन करने की अपील की है।