-बलरामपुर के तुलसीपुर में मौजूद नेपाल से लौटे व्यापारी ।-स्रोत: संगठन
तुलसीपुर। नेपाल के लमही में हुए सम्मेलन के बाद व्यापारी शुक्रवार की शाम को लौट आए हैं। व्यापारियों के चेहरे पर उम्मीद की मुस्कान दिखी। कोयलाबास सीमा पर व्यापारिक गतिविधियां और तेज होने की उम्मीद है।
उद्योग व्यापार संगठन के जिलाध्यक्ष अनिल लाठ ने बताया कि सम्मेलन में विकास की साझा रणनीति बनी है। दोनों देश के व्यापारी संयुक्त रूप से व्यापारिक गतिविधियां बढ़ाने का प्रयास जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्र में आने वाले निवेशकों को भी हर संभव सहयोग दिया जाएगा। इस पर भी सहमति बनी है। बताया कि नेपाल के व्यापारियों के साथ ही प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष एवं आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल से सीमावर्ती व्यापारिक गतिविधियों को आसान बनाने और व्यापारिक सुविधाओं को बढ़ाने में पूरा सहयोग मिलने का भरोसा मिला है।
बताया कि अमर उजाला द्वारा भारत-नेपाल सीमा स्थित कोयलाबासा बॉर्डर पर व्यापार बढ़ाने को लेकर चल रही मुहिम का असर अब दिखने लगा है। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय व्यापारियों को सीधे लाभ मिलेगा और सीमावर्ती क्षेत्र का आर्थिक विकास तेज होगा। इसके साथ ही स्थानीय और नेपाल के व्यापारियों के बीच व्यापारिक नेटवर्क बढ़ाने, नए आयात-निर्यात अवसरों को खोजने और सीमा पार लेन-देन को सरल बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई है। सम्मेलन में तरक्की का द्वार अभियान के तहत सीमावर्ती व्यापार के लाभ और चुनौतियों को साझा किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने कोयलाबासा बॉर्डर पर व्यापारिक गतिविधियों के सरलीकरण, न्यूनतम सीमा बढ़ाने और व्यापारियों की समस्याओं के समाधान जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई है। नेपाल से लौटे अमन बंसल, शुभम रस्तोगी, आनंद गुप्ता, पंकज कनोडिया, ऋतिक चौरसिया, विकास सोनी, डब्लू रवि अग्रवाल, अजीत सिंह आदि व्यापारी उत्साहित हैं।