बलरामपुर। सरकार ने बाहर से आने वाले प्रवासियों को क्वारंटीन कर उनके लिए भोजन, पानी, बिस्तर, लाइट, सफाई तथा अन्य संसाधनों के लिए पैसा तो दिया है लेकिन इन पैसों का सदुपयोग होगा या दुरुपयोग, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। अपने गांव के आसपास क्वारंटीन किये गए अधिकांश लोगों को भोजन, जलपान व बिस्तर का प्रबंध उनके परिवारीजन कर रहे हैं। ऐसे में इनके नाम पर सरकारी धन का भुगतान क्या कागजों में होगा ?
विदित हो कि जिले में क्वारंटीन सेंटरों पर बाहर से आने वाले करीब 28 हजार लोग क्वारंटीन हैं। इनके भोजन व जलपान के लिए सरकार प्रतिदिन 80 रुपये के हिसाब से भुगतान करेगी। बड़ी व्यवस्था होने के कारण हर ब्लॉक में इस काम के लिए कई लोगों ने ठेका लिया है। ठेका लेने वाले लोग भोजन व जलपान पहुंचा रहे हैं या नहीं, इसकी निगरानी करने वाला कोई नहीं है।
सदर ब्लॉक की ग्राम पंचायत सिसई में क्वारंटीन मनीष, सुखदेव, मोना, टील सिंह, अजय कुमार, घनश्याम यादव, अमन व रामगोपाल ने बताया कि सेंटर पर उन्हें भोजन के नाम पर जला चावल व दाल परोसा जा रहा है। सोने के लिए बिस्तर व चारपाई नहीं है। ये सामान इन लोगों ने अपने-अपने घर से मंगवाया है। सेंटर के शौचालय में ताला बंद है। बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए जनरेटर नहीं है। सफाई भी नहीं होती है। यहां ड्यूटी पर कोई कर्मचारी नहीं रहता।
इसी तरह से क्वारंटीन सेंटर ब्लॉक गैसड़ी के चमरबोझिया गांव का भी है। यहां भी क्वारंटीन लोगों को भोजन व जलपान की व्यवस्था परिवारीजन व ग्राम प्रधान कर रहे हैं। अन्य सुविधाओं का भी सर्वथा अभाव है। ये जानकारी स्थानीय निवासी सोनू सिंह ने दी है। कमोवेश यही हाल जनपद के अधिकांश क्वारंटीन सेंटरों का है। तमाम जगह लोग अपने घर से ही भोजन, जलपान और बिस्तर आदि मंगा रहे हैं।
दावों में भी है विरोधाभास
क्वारंटीन सेंटरों पर भोजन, जलपान व अन्य व्यवस्था के बारे में ग्राम प्रधान व खंड विकास अधिकारी अलग-अलग बयान दे रहे हैं। ग्राम प्रधानों का कहना है कि वे सारी व्यवस्था खुद के खर्चे पर कर रहे हैं। वहीं खंड विकास अधिकारी अलग बयान दे रहे हैं। खंड विकास अधिकारी कह रहे हैं कि क्वारंटीन सेंटरों पर जो भी व्यवस्था हो रही है उसका शासनादेश के अनुसार सत्यापन कर भुगतान किया जाएगा।
जांच कर होगी कार्रवाई
एडीएम एके शुक्ल का कहना है कि क्वारंटीन सेंटरों पर भोजन व जलपान के साथ ही अन्य सुविधाओं के लिए बजट तय किया गया है। यदि क्वारंटीन लोगों को सुविधाएं नहीं मिल रही हैं तो इसकी जांच कराकर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी तथा भुगतान भी रोका जा सकता है।