बलरामपुर। पंचायतों में विकास के लिए 15वें व पंचम वित्त आयोग से आवंटित 40.13 लाख रुपये डंप हैं। वित्तीय वर्ष के छह माह पूरे होने वाले हैं, इसके बाद भी पंचायत के सचिव बजट खर्च में करने में लापरवाही बरत रहे हैं, जबकि पंचायतों में विकास की काफी संभावनाएं हैं।
पंचायतों के विकास कार्यों में धीमी रफ्तार और सरकारी योजनाओं के प्रति लापरवाही पर डीपीआरओ ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने 15 पंचायत सचिवों को नोटिस जारी किया है। डीपीआरओ श्रेया उपाध्याय ने बताया कि गैसड़ी विकास खंड के जमुनी कला ग्राम पंचायत में 15वें व पंचम वित्त आयोग के तहत आवंटित धनराशि के सापेक्ष 2.32 लाख रुपये अभी शेष हैं लेकिन सचिव राधेश्याम यादव खर्च नहीं कर रहे हैं। रेहरा बाजार विकास खंड के ओवरीडीह में सचिव शनी यादव ने 1.27 लाख रुपये खर्च नहीं किए।
ऐदहा पंचायत में सचिव परमानंद यादव ने अभी तक 1.57 लाख रुपये खर्च नहीं किए हैं। उतरौला विकास खंड के ग्राम रेंडवलिया में सचिव अमित कुमार ने 66 हजार रुपये, बढ़या पकड़ी में सचिव मनोरमा सिंह ने 1.83 लाख रुपये, महमूदाबाद ग्रिंट में सचिव रंजीत कुमार आजाद ने 4.97 लाख रुपये, गरीब नगर में 9.7 लाख रुपये और मधुपुर में 12.62 लाख रुपये सचिव बसंत राम खर्च नहीं कर सके हैं।
तुलसीपुर विकास खंड के मैनहवा ग्राम पंचायत में सचिव मीनाक्षी राव ने 2.69 लाख रुपये अभी तक खर्च नहीं किए हैं। रेहरा ग्राम पंचायत में 2.56 लाख रुपये पड़े हैं लेकिन सचिव जय नारायण सिंह कुशवाहा नें खर्च नहीं किया है। श्रीदत्तगंज विकास खंड के ग्राम किठूरा में 2.20 लाख और महदेइया सिरसिया में 1.16 लाख रुपये सचिव गायत्री मौर्या खर्च नहीं कर सकी हैं। बेनिहवा ग्राम में सचिव शैलेंद्र कुमार सिंह ने 97 हजार रुपये खर्च नहीं किए हैं। बरगदवा सोहना ग्राम पंचायत में 2.86 लाख रुपये तथा मदरिया ग्राम पंचायत में 1.43 लाख रुपये सचिव नीलेश श्रीवास्तव ने खर्च नहीं किया है। डीपीआरओ ने बजट डंप रखने का कारण स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। कहा कि विकास कार्य के लिए मिले बजट का उपयोग न करना गंभीर मामला है। सभी एडीओ पंचायतों को भी चेतावनी दी है कि पंचायतों के कामकाज पर नजर रखें।