तुलसीपुर। रक्षाबंधन पर भाई को राखी बांधने मायके जा रही महिला की सड़क हादसे में मौत हो गई। शुक्रवार शाम नेशनल हाईवे-730 पर गनवरिया के पास सड़क के गड्ढे में बाइक का पहिया पड़ने से बाइक अनियंत्रित हो गई। पीछे बैठी महिला सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण सीएचसी तुलसीपुर पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
करन गांव भगवानपुर निवासी लल्लू की पत्नी छोटका (45) शुक्रवार शाम करीब सात बजे बेटे पवन कुमार के साथ बाइक से चरनगहिया स्थित मायके जा रही थीं। रक्षाबंधन पर उन्हें भाई नान बाबू वर्मा को राखी बांधनी थी। मां-बेटे नेशनल हाईवे-730 पर गनवरिया के पास पहुंचे थे। इसी दौरान सड़क के बड़े गड्ढे में बाइक का पहिया पड़ गया। इससे बाइक अनियंत्रित हो गई और पीछे बैठी छोटका सड़क पर गिर गईं। हादसे में उनके सिर में गंभीर चोट आई।
आसपास के लोगों की मदद से उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तुलसीपुर ले जाया गया। अस्पताल अधीक्षक डॉ. सुजीत ने बताया कि महिला के सिर में गंभीर चोट लगी थी। जांच के बाद चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए। मौत की खबर सुनते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। रक्षाबंधन की खुशियां देखते ही देखते मातम में बदल गईं। महिला अपने पीछे तीन बच्चों को छोड़ गई हैं। एक बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि दो बेटे खेती और व्यवसाय से जुड़े हैं। मां की मौत के बाद दोनों बेटों का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे से करन गांव भगवानपुर और चरनगहिया में भी शोक की लहर है।
राखी लेकर मायके निकली थी, भाई करता रह गया इंतजार
सुबह से ही घर में रक्षाबंधन की तैयारियां थीं। भाई नान बाबू वर्मा और परिवार के लोग बहन छोटका के आने का इंतजार कर रहे थे। भाई की कलाई पर बहन के हाथों राखी बंधनी थी, लेकिन गनवरिया के पास हुए हादसे ने परिवार की खुशियां छीन लीं।
नान बाबू वर्मा के मुताबिक, बहन बेटे के साथ घर के लिए निकली थी। परिवार को उम्मीद थी कि वह शाम तक पहुंच जाएगी। रास्ते में हादसे की सूचना मिली तो परिजन घबरा गए और तत्काल अस्पताल पहुंचे। वहां बहन की मौत हो चुकी थी। जिस दिन भाई-बहन के रिश्ते का त्योहार मनाया जाना था, उसी दिन बहन का शव देखकर परिवार की आंखें नम हो गईं। भाई की कलाई राखी का इंतजार करती रह गई।
गड्ढे भरने पर करोड़ों खर्च, फिर भी सड़क पर खतरा
जिले में सड़कों को गड्ढामुक्त करने और मरम्मत के नाम पर हर साल करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। इसके बावजूद प्रमुख मार्गों पर बने गड्ढे वाहन चालकों के लिए खतरा बने हुए हैं। नेशनल हाईवे-730 पर गनवरिया के पास गड्ढे में बाइक का पहिया पड़ने से महिला की मौत के बाद सड़क की नियमित निगरानी और मरम्मत व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर बड़े गड्ढे होने के बावजूद समय रहते उनकी मरम्मत नहीं की गई। उनका सवाल है कि यदि संबंधित विभाग को गड्ढे की जानकारी थी तो हादसे से पहले उसे क्यों नहीं भरा गया। हादसे के बाद ग्रामीणों में नाराजगी है और सड़क की स्थिति को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
निविदा हो चुकी, अनुबंध के बाद शुरू होगा अनुरक्षण कार्य
अधिशासी अभियंता आरके वर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-730 पर तुलसीपुर से बढ़नी तक पीबीएमसी योजना के तहत अनुरक्षण कार्य स्वीकृत है। तुलसीपुर से बलरामपुर और बहराइच की ओर के क्षेत्र को भी परियोजना में शामिल किया गया है। राष्ट्रीय मार्ग खंड लोनिवि, लखनऊ की ओर से निविदा आमंत्रित कर स्वीकृत की जा चुकी है। अनुबंध गठन के बाद शीघ्र अनुरक्षण कार्य शुरू कराया जाना प्रस्तावित है। फिलहाल उपलब्ध संसाधनों से सड़क की मरम्मत कराई जा रही है।
फोटो-6-बलरामपुर के सीएचसी तुलसीपुर में मृतक के परिजन ।-संवाद