उतरौला। तहसील बार एसोसिएशन ने नायब तहसीलदार रेहरा अजीत प्रताप सिंह के न्यायालय का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। अधिवक्ताओं के इस फैसले से नामांतरण सहित विभिन्न राजस्व मामलों की सुनवाई और न्यायालयीन कार्य प्रभावित होने की संभावना है।
सोमवार को तहसील संघ भवन में अध्यक्ष प्रह्लाद यादव और महामंत्री रविशंकर मिश्र की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में अधिवक्ताओं ने नायब तहसीलदार की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। अधिवक्ताओं का आरोप था कि नामांतरण मामलों में पक्षकारों को बिना सुने आदेश पारित किए जा रहे हैं। साथ ही पत्रावलियों में धन उगाही और मनमाने आदेश पारित करने जैसे आरोप भी लगाए गए। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि उनके स्थानांतरण तक कोई भी अधिवक्ता न्यायालय में कार्य नहीं करेगा। साथ ही चेतावनी दी गई कि बहिष्कार के दौरान यदि कोई अधिवक्ता नायब तहसीलदार से मुलाकात करता है या न्यायालय में कार्य करता है तो उसके विरुद्ध संगठन स्तर पर कार्रवाई की जाएगी। बार एसोसिएशन के इस निर्णय से रेहरा क्षेत्र से जुड़े नामांतरण, राजस्व विवाद और अन्य मामलों की सुनवाई पर असर पड़ने की संभावना है। बैठक में मार्कंडेय मिश्र, गिरीश पांडेय, सियाराम मिश्र, देवेंद्र कुमार, अली जहीर हाशमी, ओम प्रकाश श्रीवास्तव, निजाम अंसारी, वासुदेव वर्मा आदि मौजूद रहे।