महेंद्र गिरी उर्फ छोटकन।-फाइल फोटो
श्रीदत्तगंज। सरयू नहर में छह दिन बाद त्रिलोकपुर के लिकहना गांव के महेंद्र गिरि (28) का शव मंगलवार को उतराता मिला। मुजहनी फाटक के पास नहर में शव उतराता दिखा तो मौके पर भीड़ जुट गई। पहचान होते ही परिजनों की चीख-पुकार से पूरा इलाका गमगीन हो उठा। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज है।
22 जनवरी को तिलकहना पुल के पास टहलते समय संदिग्ध हालात में महेंद्र गिरि नहर में गिर गए थे। तभी से उनकी तलाश की जा रही थी। छह दिनों से परिवार के लोग उनकी सलामती की दुआ कर रहे थे। मंगलवार को करीब तीन किमी दूर शव मिला। इसके बाद परिजनों की उम्मीद टूट गई। शव मिलने की खबर सुनते ही मौके पर पहुंचे परिजन बदहवास हो गए। सात वर्ष पहले मां को गवां चुके सचिन (15) ने जब पिता का शव देखा तो उसकी आंखें पथरा गईं। वह बेसहारा हो गया।
प्रभारी निरीक्षक अविरल शुक्ला ने बताया कि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट मिलने पर प्रशासन से सहायता दिलाने की रिपोर्ट भेजी जाएगी। फिलहाल सूचना अधिकारियों को दे दी गई है।
प्रोबेशन से मिलेगी भरण पोषण की सहायता
मृतक के परिवार में उनका बेटा सचिन ही है, ऐसे में जिलाधिकारी को संरक्षक बनाया जाएगा। चार लाख की सहायता राशि दी जाएगी, लेकिन बैंक खाते से सचिन बालिग होने पर ही निकाल सकेगा। उसके भरण पोषण के लिए प्रोबेशन विभाग से मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से लाभ दिलाया जाएगा। जिलाधिकारी के निर्देश पर इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
- अरुण कुमार सिंह, आपदा विशेषज्ञ