बलरामपुर। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत अनमैप 70 फीसदी वोटर साक्ष्य नहीं दे पा रहे हैं। जवाब देने के लिए जनपद में अनमैप 87,652 वोटरों को नाेटिस मिला है। नोटिस का जवाब देने के लिए वोटर जो साक्ष्य दे रहे हें, वो निर्वाचन आयोग की सूची में शामिल ही नही हैं। साक्ष्य न होने से वोटरों को मतदाता सूची से नाम कटने की चिंता सता रही है। अनंतिम प्रकाशन के बाद जिले में अनमैप वोटरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
सदर ब्लॉक में सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी मनोज कुमार, यशवंत पांडेय, राकेश कुमार व रितेश कुमार अनमैप वोटरों का फाॅर्म मंगलवार को जमा करा रहे थे। इसमें सदर विधानसभा क्षेत्र के नगर की फूलमती ने नोटिस का जवाब देने के लिए फाॅर्म जमा किया तो निर्वाचन आयोग की सूची में शामिल साक्ष्य था ही नहीं। इसी तरह विकास, काजल, तैईयबा व फातिमा बानो ने भी नोटिस का जवाब देने फाॅर्म जमा किया तो साक्ष्य सही नहीं था। फूलमती, विकास, काजल, तैईयबा व फातिमा बानो ने बताया कि उनके पास ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है जो निर्वाचन आयोग ने मांगा है। ऐसे में मतदाता सूची से अब नाम कटने की चिंता सता रही है। सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों ने बताया कि सभी के नोटिस का फाॅर्म जमा किया जा रहा है। जिनके जवाब अधूरे हैं, उन्हें दूसरे साक्ष्य देने के लिए कहा जा रहा है। बताया कि 70 फीसदी वोटर सही साक्ष्य नहीं दे पा रहे हैं।
एसआईआर में चार प्रकार की है कैटेगरी
-ए कैटेगरी में एक जुलाई 1987 से पहले जन्म व 2003 की वोटरलिस्ट में नाम होना चाहिए। सबूत के तौर पर वोटरलिस्ट की फोटोकाॅपी देनी है। कोई और अभिलेख नहीं देना है।
-बी कैटेगरी में यदि एक जुलाई 1987 से पहले जन्मे व्यक्ति का नाम 2003 की वोटरलिस्ट में नहीं है तो अपनी जन्मतिथि और स्थान साबित करने के लिए 11 प्रकार के अभिलेख में से कोई एक देना है।
-सी कैटेगरी में जिनका जन्म एक जुलाई 1987 से दो दिसंबर 2004 के बीच हुआ हो, उन्हें दो प्रमाणपत्र देने पड़ेंगे। पहला अपनी जन्म तिथि व जन्म स्थान साबित करने के लिए और दूसरा मां या बाप में से किसी एक की जन्म तिथि व जन्म स्थान का प्रमाण देना पड़ेगा।
-डी कैटेगरी में जिनका जन्म दो दिसंबर 2004 के बाद हुआ है, उन्हें तीन प्रमाण पत्र देने पड़ेंगे। पहला जन्म तिथि व जन्म स्थान का प्रमाण पत्र, दूसरा बाप की जन्म तिथि व जन्म स्थान और तीसरा प्रमाण पत्र मां का जन्म तिथि व जन्म स्थान का प्रमाण पत्र देना होगा।
-सी व डी कैटेगरी में वोटरों के माता-पिता का नाम वोटरलिस्ट में है तो उनके जन्म के सबूत के तौर पर मतदाता सूची की फोटोकॉपी ही काफी है, जो बीएलओ से मिल जाएगी। वोटरलिस्ट ऑनलाइन भी डाउनलोड कर सकते हैं।
ये हैं अभिलेख
जन्म प्रमाणपत्र, पासपोर्ट, जाति प्रमाणपत्र, मूल निवास प्रमाणपत्र, हाईस्कूल या कॉलेज/विश्वविद्यालय से जारी प्रमाणपत्र, परिवार रजिस्टर की नकल, सरकार से दी गई जमीन या मकान के कागजात, एक जुलाई 1987 से पहले सरकार से जारी पहचान पत्र, सरकारी नौकरी या पेंशन का प्रमाण पत्र, वन अधिकार प्रमाणपत्र व राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर में अभिलेख देने हैं।
समय से उपलब्ध कराएं साक्ष्य
अपमैप सभी मतदाताओं को नोटिस जारी किया गया है। निर्वाचन आयोग की तरफ से नोटिस में लगाने वाले साक्ष्य भी वोटरों को बताए जा रहे हैं। समय से साक्ष्य उपलब्ध कराकर वोटरों को नोटिस का जवाब देना पड़ेगा, अन्यथा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
-ज्योति राय, उप जिला निर्वाचन अधिकारी