फोटो-56-बलरामपुर के राप्ती नदी में बालक की तलाश करते लोग ।-स्रोत: ग्रामीण
बलरामपुर। देहात क्षेत्र के बेनीजोत गांव में शुक्रवार सुबह दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। राप्ती नदी देखने गए दो बच्चे नदी में डूब गए। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई, वहीं पूरे गांव में मातम छा गया।
पुलिस, गोताखोरों की टीम बच्चों की तलाश शुरू की। काफी मशक्कत के बाद बालिका रोशी उर्फ हिमानी शुक्ला का शव गोताखोरों ने खोज लिया। मासूम बच्चे की खोज हो रही है। बेनीजोत निवासी महेश परिवार सहित पंजाब के लुधियाना में रहते हैं। वह 27 अप्रैल को बच्चों के साथ गांव आए थे। शुक्रवार सुबह महेश का छह वर्षीय बेटा शनि अपने चाचा चंदन शुक्ल की 14 वर्षीय बेटी रोशी उर्फ हिमानी के साथ घर से घूमने निकला था। दोनों खेलते-कूदते गांव के पूरब बह रही राप्ती नदी के किनारे पहुंच गए। बताया जाता है कि शनि नदी किनारे पैर धोने लगा, तभी अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया।
चचेरे भाई को डूबता देख रोशी घबरा गई। उसने बिना अपनी जान की परवाह किए शनि को बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी, लेकिन तेज बहाव के कारण वह भी पानी में समा गई। कुछ ही पलों में दोनों बच्चों को नदी की लहरें अपने साथ बहा ले गईं।
गांव के दिनेश समेत अन्य ग्रामीणों ने जब यह दृश्य देखा तो शोर मचाया। लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। प्रभारी निरीक्षक गिरजेश तिवारी ने बताया कि बच्चे की खोज की जा रही है।
फोटो-56-बलरामपुर के राप्ती नदी में बालक की तलाश करते लोग ।-स्रोत: ग्रामीण