बलरामपुर में बनाए गए कपड़े का पर्स व अन्य सामान दिखाती भानमती ।-संवाद
बलरामपुर। महिलाओं की आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाने के उद्देश्य से चल रहे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत पचपेड़वा ब्लॉक की एक महिला समूह ने सफलता की नई इबारत लिखी है। खुशी महिला समूह की अध्यक्ष भानमती ने अपनी मेहनत और लगन से न केवल खुद के लिए रोजगार का अवसर खड़ा किया, बल्कि 10 अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बना दिया है।
भानमती ने बताया कि उन्होंने मिशन के सहयोग से सूती कपड़ों से मोबाइल पर्स, बांस की डलिया व बैग आदि बनाने का कार्य शुरू किया। समूह की महिलाएं तैयार उत्पादों को स्थानीय बाजार में बेचती हैं। इन उत्पादों की बढ़ती मांग से महिलाओं के हौसला भी बुलंद हुए हैं। आज महिला समूह की हर सदस्य औसतन 10 हजार रुपये प्रतिमाह तक की कमाई कर रही है। उन्होंने बताया कि पहले घर की आर्थिक स्थिति कमजोर थी, लेकिन समूह से जुड़ने के बाद अब अपने पैरों पर खड़ी हैं। बच्चों की पढ़ाई से लेकर घरेलू जरूरतों तक का खर्च खुद पूरा करने में सक्षम हो गई हैं।
सरकार की तरफ से समूह को हर संभव सहयोग दिया जा रहा है, जिसमें प्रशिक्षण, ऋण सुविधा और बाजार उपलब्ध कराने में मदद शामिल है। ऐसे समूह गांवों में महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में मिसाल पेश कर रहे हैं।
अखिलेश कुमार मौर्य, जिला प्रबंधक एनआरएलएम