बलरामपुर। जिले के बार संघ को 5,28,903 रुपये की सौगात दी गई है। कोरोना महामारी से पीड़ित वकीलों को इस धनराशि से आर्थिक मदद मुहैया कराई जाएगी। बार काउंसिल के प्रदेश सह अध्यक्ष / जिले के नोडल प्रशांत सिंह अटल ने जिले के तीनों तहसीलों के बार संघों को धनराशि का चेक सौंपा है। बार काउंसिल के इस निर्णय को लेकर जिले भर के वकीलों में हर्ष की लहर है।
बार काउंसिल के सह अध्यक्ष ने सोमवार को सदर तहसील के दि कलेक्ट्रेट बार संघ भवन में जिला स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बार काउंसिल उत्तर प्रदेश ने यह तय किया है कि कोरोना महामारी के दौरान ऐसे वकीलों को जिन्हें सार्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस जारी किया गया है उन्हें आर्थिक मदद मुहैया कराई जाएगी। जिले के तीनों तहसीलों में कुल 855 सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस जारी होने वाले अधिवक्ता पंजीकृत है जिन्हें 5,28,903 की धनराशि से मदद दी जाएगी।
द कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन बलरामपुर जहां कुल 505 सीओपीधारी अधिवक्ता पंजीकृत है उनको आर्थिक मदद दिलाने के लिए अध्यक्ष राम गोपाल पांडेय और महामंत्री रवींद्र प्रताप सिंह को 3,12,323 रुपये का चेक दिया गया। इसी तरह से बार एसोसिएशन तुलसीपुर के 145 सीओपीधारी अधिवक्ताओं के लिए 89,697 रुपये का चेक वहां अध्यक्ष व महामंत्री को दिया गया। तहसील बार एसोसिएशन उतरौला के 205 सीओपीधारी अधिवक्ताओं के लिए अध्यक्ष व महामंत्री को 1,26,813 रुपये का चेक दिया गया।
प्रशांत सिंह ने कहा कि धनराशि सिर्फ जरूरतमंद अधिवक्ताओं को दी जानी चाहिए। जो अधिवक्तागण संपन्न हैं या सरकारी अधिवक्ता या जिनके पास चार पहिया वाहन है ऐसे लोगों को स्वेच्छा से यह धनराशि नहीं लेनी चाहिए। पहले 80 वर्ष तक के अधिवक्ताओं की मृत्यु पर बार काउंसिल डेढ़ लाख रुपये की सहायता परिजनों केे देती थी अब उम्र सीमा समाप्त कर दी गई है। 9 मार्च 2019 के बाद 70 वर्ष तक के अधिवक्ताओं की मृत्यु पर उनके परिजनों को पांच लाख रुपये दिए जाएंगे और 70 वर्ष से अधिक अधिवक्ताओं की मृत्यु पर काउंसिल डेढ़ लाख रुपये देगी।
उत्तर प्रदेश का कोई अधिवक्ता कोरोना से पीड़ित होता है तो कोरोना की पॉजिटिव रिपोर्ट की छायाप्रति व प्रार्थना पत्र देने पर बार काउंसिल तत्काल 25000 रुपये की सहायता देगी। इस अवसर पर डीजीसी कुलदीप सिंह, दुर्गेंद्र पाठक, अजीत प्रताप सिंह व शरद वर्मा सहित तमाम वकील मौजूद रहे।