बलरामपुर। जनपद के 148 बैंक शाखाओं में मंगलवार को कलमबंद हड़ताल के चलते कार्य नहीं हुआ। बैंकों के हड़ताल से 200 करोड़ से अधिक का लेनदेन ठप रहा। इससे ग्राहकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर जनपद के सभी सरकारी बैंक मंगलवार को बंद रहे, जिससे ग्राहकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
यूएफबीयू के सचिव संजय शुक्ल ने बताया कि बैंक कर्मचारी लंबे समय से पांच दिन कार्य सप्ताह लागू करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद केंद्र सरकार इस मांग पर कोई ठोस फैसला नहीं ले रही है। हड़ताल की मुख्य मांग मार्च 2024 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) के साथ हुए समझौते को तुरंत लागू करना है, जिसमें सभी शनिवार को अवकाश घोषित करने का प्रस्ताव शामिल है। वर्तमान में बैंक केवल दूसरे और चौथे शनिवार को ही बंद रहते हैं, जिसके कारण कर्मचारियों को महीने के शेष दो सप्ताह छह दिन कार्य करना पड़ता है।
यूनियन सदस्यों ने तर्क दिया कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), एलआईसी और अधिकांश सरकारी कार्यालयों में पहले से ही पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह लागू है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि साप्ताहिक कार्य घंटे बनाए रखने के लिए सोमवार से शुक्रवार तक प्रतिदिन लगभग 40 मिनट अतिरिक्त कार्य करने पर भी वे सहमत हैं। इस अवसर पर अध्यक्ष सीताराम, उदय प्रताप, रवि कुमार, चंदन, राजेश, अभिषेक, आनंद व अमित आदि मौजूद रहे। हड़ताल में भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक, केनरा बैंक सहित सभी राष्ट्रीयकृत बैंक कर्मियों के शामिल होने के कारण इन बैंकों में बैंकिंग सेवाएं ठप रहीं।
ग्राहक हुए परेशान, बैरंग लौटे
मंगलवार को लगातार तीसरे दिन भी बैंक बैंक बंद रहने से ग्राहकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। महेंद्र कुमार, इरफान, राजेश, शकील व राजू आदि ने कहा कि रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को गणतंत्र दिवस पर बैंक बंद थे। मंगलावार को हड़ताल के कारण बैंक बंद होने से कोई काम नहीं हो सका।