हरैया सतघरवा क्षेत्र के किसानों के लिए मौसम की मार लगातार बढ़ती जा रही है। पहले बारिश न होने के कारण धान की फसल सूखने लगी थी। किसानों ने किसी तरह बोरिंग, नाला और तालाब से पानी लगाकर फसल बचाई। अब लगातार बारिश और तेज हवा ने तैयार होती फसल को खेत में गिरा दिया है। खेतों में पानी भरने से गिरी हुई धान की फसल के सड़ने का खतरा भी बढ़ गया है।
किसान जटाशंकर वर्मा ने बताया कि बारिश न होने के कारण इस वर्ष अधिकांश किसानों के खेतों में धान सूखने लगा था। जिन किसानों ने बोरिंग आदि से पानी चलाकर रोपाई से लेकर फसल तैयार होने तक उसे बचाया, उनकी मेहनत अब तेज हवा और अत्यधिक बारिश ने खराब कर दी।
जगदंबा प्रसाद ने बताया कि उनके खेत में भी बारिश न होने से धान सूखने लगा था। उन्होंने नाला और तालाब से पानी चलाकर फसल को तैयार किया, लेकिन अब तेज हवा और बारिश से धान खेत में गिर गया है। पानी भरे रहने के कारण फसल सड़ने लगी है। इससे लागत निकलना भी मुश्किल हो सकता है।
राजमणि, अनंतराम, राजबहादुर और नानमून आदि किसानों ने बताया कि तेज हवा से गन्ने की फसल भी गिर गई है। खेत में गन्ना गिरने के बाद उसकी जड़ को चूहे नुकसान पहुंचाते हैं। मिल की ओर से खरीदारी तक यदि फसल खेत में पड़ी रही तो काफी गन्ना खराब होने की आशंका है।
उतरौला क्षेत्र में भी लगातार बारिश और तेज हवा से धान और गन्ने की फसल प्रभावित हुई है। रविवार को उपजिलाधिकारी उतरौला योगेंद्र शरण शाह ने गैंडास बुजुर्ग, रमवापुर, पुरैनिया जाट, मधुपुर, उतरौला ग्रामीण और लालगंज समेत कई गांवों का दौरा किया। उन्होंने खेतों में पहुंचकर गिरी हुई धान की फसल और प्रभावित गन्ने का जायजा लिया तथा किसानों से फसल के रकबे और नुकसान की जानकारी ली।
एसडीएम ने संबंधित कर्मचारियों को स्थलीय निरीक्षण कर वास्तविक और निष्पक्ष नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सर्वे में किसी भी प्रभावित किसान की फसल छूटनी नहीं चाहिए और नुकसान का सही विवरण दर्ज किया जाए, ताकि शासन स्तर से मिलने वाली सहायता के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
पिपरहवा में पानी के तेज बहाव में फंसा ट्रक, बाईपास ठप
तुलसीपुर-हरैया मार्ग पर खैरी गांव के पास कठरिहवा पुल निर्माण के चलते बनाए गए बाईपास पर भी बारिश ने मुश्किल बढ़ा दी। रविवार को बारिश के पानी का बहाव इतना तेज था कि एक ट्रक पानी के बीच फंस गया। ट्रक रास्ते में खड़ा होने से बाईपास पर कई घंटे आवागमन बाधित रहा और दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई।
पेहर बाजार क्षेत्र में उतरौला-मनकापुर रोड से सिरसिया और महुआढार जाने वाली सड़क भारी बारिश के बाद तालाब में तब्दील हो गई। सड़क पर जगह-जगह पानी भरने से गड्ढे दिखाई नहीं दे रहे हैं। ऐसे में वाहन चालकों के साथ पैदल राहगीरों के लिए भी रास्ता मुश्किल हो गया है।
ग्रामीण मायाराम, महबूब, अख्तर खान, अब्दुल समद, कमाल अहमद, रमेश, जय राम, सुरेश यादव, अलीम और दिनेश ने बताया कि बारिश के दौरान सड़क की स्थिति और खराब हो जाती है। पानी में गड्ढे दिखाई नहीं देने से हादसे का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने सड़क का निर्माण कराकर जलभराव की समस्या दूर करने की मांग की है।
जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन का कहना है कि बारिश से जो भी दिक्कत है, उसकी रिपोर्ट मांगी गई है। मृतकों को आर्थिक मदद देने की कवायद की जा रही है। सभी तहसीलों की राजस्व टीमें सक्रिय हैं, हर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। व्यवस्था ठीक करने के लिए कार्य हो रहा है। आम लोगों को भी सतर्क किया जा रहा है।