बलरामपुर के वीर विनय चौराहे पर धूप से बचने के लिए चेहरे पर दुपट्टा लपेटकर जाती युवतियां।
बलरामपुर। भीषण गर्मी की मार लोग बेहाल हो गए हैं। शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया। तापमान बढ़ने के साथ अस्पतालों में मरीजों की संख्या में भी काफी बढ़ोतरी हो गई है। जिला मेमोरियल अस्पताल के इमरजेंसी सहित सभी वार्ड मरीजों से फुल हो गए हैं। इमरजेंसी में हर घंटे पेट-दर्द, डायरिया व अन्य बीमारियों से पीड़ित 10 से 15 मरीज पहुंच रहे हैं।
शुक्रवार को सुबह सूरज निकलने के साथ तपिश बढ़ती गई। सुबह 9 बजे से ही लोग भीषण गर्मी से बेहाल होने लगे। सुबह 11 से शाम चार बजे तक सड़क व बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा।
गर्मी से बिजली उपकेंद्रों पर लगे पांच और 10 एमवीए के ट्रांसफार्मर गर्म होने लगे हैं। इससे ट्रांसफार्मर बंद हो जाता है और उसे ठंडा करने के लिए कम से कम 20 मिनट का समय लगता है। भीषण गर्मी ट्रांसफार्मर का तेल खौलने लगता है और कभी-कभी ट्रांसफार्मर जल भी जाता है। ट्रांसफार्मराें को ठंडा करने के लिए विभाग की तरफ से स्टीम पावर हाउस सहित अन्य उपकेंद्रों पर कूलर लगाया गया है।
अस्पतालों में बढ़े डायरिया के मरीज
भीषण गर्मी के चलते अस्पतालों में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। बच्चों के साथ बुजुर्गों पर गर्मी का प्रकोप अधिक प्रभावी है। लोग उल्टी-दस्त, सिर दर्द व डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। बृहस्पतिवार को जिला मेमोरियल अस्पताल में करीब 650 मरीजों की ओपीडी में जांच हुई। जिसमें 410 से अधिक मरीज गर्मी से होने वाली बीमारियों से पीड़ित मिले। संयुक्त जिला चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. राज कुमार वर्मा ने बताया कि अस्पताल में 670 मरीज देखे गए। अधिकांश मरीज उल्टी-दस्त व सिर दर्द से पीड़ित रहे। बच्चों में डायरिया का प्रकोप अधिक है।