जांच करने पहुंची वन विभाग की टीम।
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सोहेलवा वन्यजीव प्रभाग के बनकटवा रेंज क्षेत्र में रविवार सुबह एक मादा तेंदुए की दर्दनाक मौत हो गई। जंगल से भटककर गांव के बाहर पहुंचे तेंदुए का गर्दन आम के बाग में लगे तार में फंस गया, जिससे काफी देर तक छटपटाने के बाद उसकी मौत हो गई। बाग की सुरक्षा के लिए तार के साथ ही जंगली जानवर पकड़ने का जाल भी मिला है। इससे वन विभाग का संदेह बढ़ गया है।
जानकारी के अनुसार तुलसीपुर-सिरसिया मार्ग स्थित चौधरीडीह गांव के दक्षिण जंगल क्षेत्र से निकलकर करीब तीन वर्ष की मादा तेंदुआ रविवार सुबह लगभग आठ बजे गांव के बाहर स्थित एक आम के बाग में पहुंच गई। बाग की घेराबंदी के लिए लगाए गए लोहे के तार में उसका गर्दन फंस गई। निकलने के प्रयास में तेंदुआ और अधिक उलझता चला गया। काफी देर तक छटपटाने के बावजूद वह खुद को मुक्त नहीं करा सकी और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
बाग की रखवाली कर रहे लोगों ने जब तेंदुए को फंसा देखा तो शोर मचाकर आसपास के ग्रामीणों को बुलाया। सूचना पर रेंजर शत्रोहन लाल टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वन कर्मियों ने तेंदुए के शव को रेंज कार्यालय पहुंचाया। उप प्रभागीय वनाधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सकों की पैनल टीम गठित की गई है।
पोस्टमार्टम की प्रक्रिया बनकटवा रेंज कार्यालय पर कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया तार में गर्दन फंसने से मौत की बात सामने आ रही है, हालांकि विस्तृत रिपोर्ट पोस्टमार्टम के बाद स्पष्ट होगी। वन विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है। डीएफओ गौरव गर्ग भी दोपहर बाद रेंज कार्यालय पहुंचे ओर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।