बलरामपुर के सीएचसी उतरौला में लगे आयुष्मान भव: मेले का निरीक्षण करते सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार रस्त
बलरामपुर। चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मियों की उदासीनता के चलते आयुष्मान भव: स्वास्थ्य मेला औपचारिक बनकर रह गया है। स्वास्थ्य मेले में मरीजों के इलाज के नाम पर महज खानापूर्ति की जा रही है। कहीं पर डॉक्टर गायब रहते हैं तो कहीं पर लैब टेक्नीशियन के न होने से मरीजों को जांच के लिए भटकना पड़ता है। रविवार को पीएचसी कौवापुर में फार्मासिस्ट का बेटा मरीजों को दवा बांटते मिला। वहीं, सीएचसी उतरौला में सीएमओ के निरीक्षण के दौरान चार चिकित्सक सहित 11 स्वास्थ्यकर्मी अनुपस्थित मिले। सीएमओ ने अनुपस्थित मिले कर्मियों का वेतन रोक दिया है।
पीएचसी कौवापुर में रविवार को आयोजित आयुष्मान भव: मेले में दोपहर 12.30 बजे तक कोई भी डॉक्टर मौजूद नहीं था। लैब टेक्नीशियन की कुर्सी भी खाली थी। फार्मासिस्ट रामतीरथ मरीजों का परीक्षण कर रहे थे। उनका बेटा मरीजों को दवा बांट रहा था। दवा बांटते समय मीडियाकर्मियों को फोटो खींचने से रोक दिया गया। वहां मौजूद लोगों से पूछने पर पता चला कि उनका बेटा अस्पताल में किसी भी पद पर तैनात नहीं है। लोगों ने यह भी बताया कि वह आए दिन मरीजों को दवा वितरित करता है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उतरौला में आयोजित आयुष्मान मेले का निरीक्षण मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने किया। निरीक्षण के दौरान चार चिकित्सक सहित 11 स्वास्थ्यकर्मी अनुपस्थित पाए गए। सीएमओ ने सभी स्वास्थ्यकर्मियों का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। तीन दिन के अंदर संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्र ने बताया कि जिले के सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित आयुष्मान भव: मेले में 4,853 मरीजों का परीक्षण कर दवा वितरित की गई।
दवा बांटे जाने की होगी जांच
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कौवापुर में फार्मासिस्ट के बेटे द्वारा मरीजों को दवा वितरित किए जाने की शिकायत मिली है। शिकायत की जांच कराई जाएगी। सही पाए जाने पर फार्मासिस्ट के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी, सीएमओ