बलरामपुर। पाकिस्तान के लिए कथित जासूसी और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार बलरामपुर निवासी शहरोज से पूछताछ के बाद एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। अब जांच केवल उसकी भूमिका तक सीमित न रहकर बलरामपुर, मुंबई और राजस्थान के श्रीगंगानगर के बीच जुड़े संभावित नेटवर्क पर केंद्रित है।
सूत्रों के अनुसार, एटीएस यह पता लगाने में जुटी है कि श्रीगंगानगर में शहरोज किन लोगों के संपर्क में था और कथित तौर पर हथियार एवं विस्फोटकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में किन व्यक्तियों की भूमिका हो सकती थी। जांच एजेंसी मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), चैट हिस्ट्री, सोशल मीडिया गतिविधियों और डिजिटल लेनदेन का गहन विश्लेषण कर रही है। साथ ही यह भी जांचा जा रहा है कि भारत-नेपाल सीमा का इस्तेमाल करने वाला कोई संगठित मॉड्यूल तो सक्रिय नहीं था।
जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू संभावित परिवहन व्यवस्था भी है। एटीएस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यदि श्रीगंगानगर से हथियार या विस्फोटक लाए जाते, तो उन्हें बलरामपुर या मुंबई तक पहुंचाने के लिए किस माध्यम का इस्तेमाल किया जाना था। रेलवे, बस, निजी वाहन और मालवाहक परिवहन सहित सभी संभावित विकल्पों की पड़ताल की जा रही है। यह भी जांच का विषय है कि सामग्री लाने की जिम्मेदारी स्वयं शहरोज की थी या किसी अन्य व्यक्ति अथवा ट्रांसपोर्ट नेटवर्क की मदद ली जानी थी।
उधर, मुंबई में शहरोज के पुराने संपर्कों, आर्थिक लेनदेन और यात्राओं के उद्देश्य की भी अलग से जांच की जा रही है। पिछले कुछ वर्षों के यात्रा रिकॉर्ड, होटल में ठहरने का विवरण, मोबाइल लोकेशन और बैंक खातों से जुड़े लेनदेन का मिलान किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, इस प्रक्रिया में कुछ संदिग्ध मोबाइल नंबर भी एजेंसी के रडार पर आए हैं, जिनकी तकनीकी निगरानी की जा रही है।