बलरामपुर के मथुरा बाजार में चक्काजाम करते ग्रामीण।-संवाद
बलरामपुर। मथुरा बाजार में स्थित राम जानकी शिव मंदिर से मंगलवार की रात राम, जानकी व लक्ष्मण की अष्टधातु की व लड्डू गोपाल की मूर्ति चोरी हो गईं। इन मूर्तियों की कीमत करीब ढ़ाई करोड़ आंकी जा रही है। चोरी की घटना के खुलासे की मांग को लेकर बुधवार को व्यापारियों ने बाजार बंद कर दी और सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। पुलिस अफसरों के आश्वासन पर व्यापारी माने।
मंदिर के संरक्षक वीरबल उर्फ हरिराम कसौंधन ने बताया कि उनका छोटा बेटा आशीष मंगलवार की रात करीब पौने 11 बजे मंदिर में ताला बंद करने पहुंचा तो मंदिर में मूर्ति न देख वह दंग रह गया। तत्काल उसने उन्हें जानकारी दी। कस्बे के लोग पहुंच गए। रात में ही एएसपी योगेश कुमार, सीओ ज्योति श्री सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। फॉरेंसिक टीम ने भी पहुंचकर साक्ष्य संकलित किया। बुधवार सुबह मंदिर में चोरी की खबर के बाद मौके पर व्यापारी जुट गए। घटना के खुलासे की मांग को लेकर व्यापारियों ने दुकानें बंद कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब दो घंटे तक चले प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर प्रभारी निरीक्षक बृजानंद सिंह ने पहुंचकर आक्रोशित लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया।
200 साल पुराना है मंदिर
- मंदिर की व्यवस्था देखने वाले रमाशंकर ने बताया कि मंदिर करीब 200 वर्ष पुराना है। मंदिर में स्थापित भगवान राम की अष्टधातु की मूर्ति सांवले रंग की थी। जबकि जानकी व लक्ष्मण की सुनहरे रंग की। वहीं, लड्डू गोपाल की मूर्ति भी स्थापित थी। बताया कि इन प्रतिमाओं का वजन करीब 15 से 20 किलोग्राम था। इसकी कीमत करीब ढाई करोड़ के आसपास है।
त्रिशूल का टुकड़ा सड़क पर पड़ा मिला
मंदिर में मंगलवार की शाम को करीब आठ बजे पूजा पाठ व आरती हुई थी। रात में 10.45 बजे आशीष ताला लगाने पहुंचे तो वारदात की जानकारी हुई। बुधवार की सुबह हरिराम को मंदिर में ही भगवान का सिंहासन नीचे पड़ा हुआ मिला, जबकि त्रिशूल का छोटा सा टुकड़ा सड़क पर मिला।
जल्द होगा खुलासा
- एसपी विकास कुमार का कहना है कि मथुरा बाजार में हुई मूर्तियों की चोरी के मामले में पुलिस काम कर रही है। हरेक पहलू पर पुलिस टीम की नजर है। खुलासे के लिए टीमें लगाई गईं हैं। सीसीटीवी फुटेज से मिलान किया जा रहा है।