बलरामपुर। दिमागी बुखार सहित संचारी रोगों पर नियंत्रण के लिए जिले में एक बार फिर अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान एक मार्च से 31 मार्च तक चलेगा। 10 मार्च से 24 मार्च तक दस्तक अभियान भी चलाया जाएगा। दोनों अभियान के तहत आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व पर्यवेक्षक घर-घर दस्तक देकर बुखार व टीबी के मरीजों तथा दिमागी बुखार से दिव्यांग हुए बच्चों के साथ कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों की सूची तैयार करेंगे। इस दौरान लोगों को संचारी रोगों के प्रति जागरूक भी किया जाएगा।
सीएमओ डॉ. विजय बहादुर सिंह ने बताया कि टीबी के बढ़ते मरीजों को देखते हुए इस बार के संचारी रोग नियंत्रण अभियान में टीबी को विशेष रूप से शामिल किया गया है। अभियान के दौरान आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व टीबी सुपरवाइजर की तीन सदस्यीय टीम घर-घर जाकर दिगामी बुखार, टीबी से पीड़ित मरीजों, कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों का ब्योरा इकट्ठा कर सूची तैयार करेगी। ऐसे मरीजों व बच्चों का नाम, पता व मोबाइल नंबर की सूची तैयार करके एएनएम को दी जाएगी।
एएनएम सूची को ब्लॉक मुख्यालय पर मुहैया कराएंगी। टीम में शामिल पर्यवेक्षक क्षय रोगियों को डीएमसी (डैजिग्नेटेड माइक्रोस्कोपिक सेंटर) पर रेफर करेंगे जहां पर उनका इलाज किया जाएगा। अभियान के दौरान आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर दस्तक देकर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करेंगी। जिस घर में 15 वर्ष तक के बच्चे होंगे वहां पर दस्तक पोस्टर भी चस्पा किया जाएगा। सीएमओ ने बताया कि संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान की सफलता के लिए 11 विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पंचायतीराज विभाग के कर्मी गांव में जलभराव व गंदगी को समाप्त करने तथा खुले में शौच को बंद कराने के लिए अभियान चलाएंगे। जलनिगम शुद्ध पेयजल मुहैया कराएगा। बाल विकास पुष्टाहार विभाग कुपोषित बच्चों को पोषित बनाने तथा अतिकुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केन्द्र पहुंचाएगा। बेसिक व उच्च माध्यमिक शिक्षा विभाग के लोग ऑनलाइन प्रतियोगिताओं व वाट्सएप ग्रुप के माध्यम से विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों को संचारी रोगों के प्रति जागरूक करेंगे। इसी तरह अन्य विभागों के लोग भी बीमारियों की रोकथाम के लिए मिलजुलकर काम करेंगे।