बलरामपुर। जिले के सरकारी अस्पतालों में आग से बचाव के इंतजाम अभी सीओटू (कार्बन डाई आक्साइड) सिलिंडर के सहारे ही है। वहीं, जिला महिला अस्पताल स्थित 24 बच्चों की क्षमता वाले स्पेशल न्यूबोर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में आग से बचाव के लिए सिर्फ एक सीओटू सिलिंडर (अग्निशमन उपकरण) ही है।
झांसी के महारानी लक्ष्मी बाई मेडिकल कॉलेज के विशेष नवजात देखभाल इकाई (एसएनसीयू) में आग लगने से 10 नवजात की मौत से हर कोई स्तब्ध है। झांसी अग्निकांड की घटना को लेकर अब जिले में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। 30 बेड वाले जिला महिला अस्पताल में आग पर कंट्रोल के लिए आठ सीओटू सिलिंडर का इंतजाम है। इसी अस्पताल में 24 बच्चों की क्षमता वाला एसएनसीयू वार्ड बना है। इस वार्ड में इस समय 24 बच्चे भर्ती हैं। इस हाल नुमा वार्ड में सिर्फ एक सिलिंडर रखा हुआ है। आपात स्थिति में इसी से काम चलाना पड़ेगा।
जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. सुमन दत्त ने बताया कि अस्पताल के सभी वार्ड में वायरिंग की नियमित चेकिंग कराई जाती है। सभी वार्डों में उच्च गुणवत्ता वाले नये एमसीबी व वायर लगाए गए हैं। अस्पताल में आठ सीआटू सिलिंडर तथा 16 एबीसी सिलिंडर उपलब्ध है।
दो अस्पतालों में लग रहा फायर फाइटर
- आग से बचाव के लिए जिला मेमोरियल चिकित्सालय व जिला संयुक्त चिकित्सालय में फायर फाइटर प्लांट लगाए जा रहे हैं। दोनों अस्पतालों में पानी की आपूर्ति के लिए पाइपों का जाल बिछाया जा चुका है।
संयुक्त अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजकुमार वर्मा ने बताया कि फायर फाइटर प्लांट का कुछ काम बचा हुआ है। जल्द ही उसका संचालन शुरू कर दिया जाएगा। वैसे अस्पताल में 50 सीओटू सिलिंडर उपलब्ध है।
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आग से बचाव के इंतजाम का लेंगे जायजा
- तीन जिला अस्पताल व नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आग से बचाव के इंतजाम का जायजा लिया जाएगा। अगर कहीं पुराने अग्निशमन यंत्र रखे हुए हैं, वहां नया यंत्र लगवाया जाएगा।
डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी, सीएमओ बलरामपुर